Ranchi News : प्रवर्तन निदेशालय ने IAS छवि रंजन से जुड़े जमीन के मामले में जमशेदपुर निवासी रवि भाटिया और श्याम सिंह को समन किया था. लेकिन दोनों में से कोई ईडी के समक्ष पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुआ. जमीन का यह मामला फर्जी दस्तावेज के सहारे हेहल मौजा की 7.16 एकड़ जमीन का म्यूटेशन और खरीद-बिक्री से संबंधित है.
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ईडी ने इस मामले की जांच के लिए रवि भाटिया और श्याम सिंह को समन भेजा था. इनमें से एक को 26 और दूसरे को 27 अक्टूबर को ईडी के रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में हाजिर होना था. लेकिन दोनों में से कोई हाजिर नहीं हुआ. फर्जी दस्तावेज पर म्यूटेशन के बाद इन्हीं दोनों ने यह जमीन खरीदी थी. सर्किल रेट पर जमीन का मूल्य 29.88 करोड़ रुपये था. लेकिन इसकी बिक्री 15.10 करोड़ रुपये दिखायी गयी थी. हालांकि 3.66 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया और तत्काल बाद इसे खरीददारों से जुड़ी कंपनियों के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया.
ईडी ने इस जमीन की जांच में यह पाया था कि रेकॉर्ड रूम से जमीन के मूल दस्तावेज को गायब कर दिया गया था. इसके बाद 1938 की तिथि पर ही एक फर्जी दस्तावेज तैयार कर किया गया. इसमें रूप नारायण सिंह को जमीन का पूर्व और विनोद सिंह को वर्तमान मालिक दिखाया गया. फर्जी दस्तावेज तैयार करने के बाद जमीन दलाल ने विनोद सिंह से संपर्क कर उसके पिता के नाम पर जमीन होने की जानकारी दी. साथ ही जमीन का मालिकाना हक दिलाने के लिए मदद करने का आश्वासन दिया और आधार सहित अन्य दस्तावेज ले लिया.
इसके बाद विनोद सिंह की ओर से म्यूटेश के लिए आवेदन दिया गया. हेहल के अंचल अधिकारी के अलावा LRDC ने इसे रद्द कर दिया. इसके बाद जमीन दलाल सुधीर दास विनोद सिंह के पास पहुंचा. उसने जमशेदपुर के रवि भाटिया और श्याम सिंह से जमीन बेचने का एग्रीमेंट कराया और विनोद सिंह के नाम पर तीन बैंक खाता खुलवाया. इसके बाद रांची के तत्कालीन उपायुक्त छवि रंजन के पास म्यूटेशन रिवीजन केस दायर हुआ. छवि रंजन ने विनोद सिंह के पक्ष में आदेश दिया. इसके आलोक में विनोद सिंह के नाम पर म्यूटेशन हुआ.
म्यूटेशन होने के बाद रवि भाटिया और श्याम सिंह के नाम पर चार सेल डीड के सहारे जमीन की रजिस्ट्री कर दी गयी. सर्किल रेट के आधार पर 29.88 करोड़ रुपये मूल्य की इस जमीन की बिक्री 15.10 करोड़ रुपये में दिखायी गयी. लेकिन विनोद सिंह के खाते में सिर्फ 3.66 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया. इसके तत्काल बाद इस रवि भाटिया और श्याम सिंह से जुड़ी कंपनियों के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया.
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