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पलामू के 400 से अधिक छात्रों का रजिस्ट्रेशन अटका, सीट विवाद से भविष्य पर संकट

Palamu: पलामू के पांकी प्रखंड स्थित मजदूर किसान इंटर महाविद्यालय, डंडार कला में सत्र 2025-2027 के लिए 11वीं में नामांकन लेने वाले 400 से अधिक छात्रों का अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है. इससे छात्र आगामी परीक्षा से वंचित हो गए हैं और उनका शैक्षणिक भविष्य खतरे में पड़ गया है.
 

Palamu: पलामू के पांकी प्रखंड स्थित मजदूर किसान इंटर महाविद्यालय, डंडार कला में सत्र 2025-2027 के लिए 11वीं में नामांकन लेने वाले 400 से अधिक छात्रों का अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है. इससे छात्र आगामी परीक्षा से वंचित हो गए हैं और उनका शैक्षणिक भविष्य खतरे में पड़ गया है.

 

कॉलेज प्रशासन के अनुसार, जुलाई माह में झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) को सीट बढ़ाने के लिए आवेदन भेजा गया था, जिसमें 512 सीटों की जगह साइंस और आर्ट्स में 768 सीटों की मांग की गई थी. 8 सितंबर को JAC ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) से भौतिक सत्यापन रिपोर्ट मांगी. 

 

कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने समय पर आवेदन और सत्यापन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कर दी थी. इसके बाद 7 जनवरी को डीईओ सौरभ प्रकाश ने कॉलेज का भौतिक निरीक्षण किया, जबकि कॉलेज का दावा है कि सत्यापन के लिए उन्हें सितंबर–अक्टूबर में ही बुलाया गया था.

 

कॉलेज प्राचार्य अवध बिहारी सिंह ने बताया कि कॉलेज में साइंस और आर्ट्स में लगभग 1080 और कॉमर्स में 20-25 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया है. उन्होंने कहा कि पहले भी सीट वृद्धि के लिए आवेदन के बाद सीटें बढ़ाई जाती रही हैं, लेकिन इस बार केवल 512 निर्धारित सीटों के अतिरिक्त 256+256 सीटों के आधार पर ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया हुई. 13 जनवरी को JAC पोर्टल खुला, लेकिन केवल 768 छात्रों का ही रजिस्ट्रेशन हो पाया.

 

प्राचार्य का आरोप है कि पोर्टल खुलने की रात ही उन्होंने डीईओ से संपर्क कर छात्रों की स्थिति बताई, जिसपर उन्हें JAC से बात करने को कहा गया. वहीं  JAC के अधिकारी जयंत मिश्रा का कहना है कि डीईओ को ही संबंधित आवेदन JAC को भेजना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इस कारण रजिस्ट्रेशन अटक गया.

 

वहीं डीईओ का कहना है कि कॉलेज प्रशासन ने निर्धारित सीट से अधिक नामांकन किया, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है. दूसरी ओर कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि कॉलेज शासी निकाय से संचालित होता है, जिसमें डीईओ भी सदस्य हैं, ऐसे में पूरी जिम्मेदारी केवल प्राचार्य पर डालना उचित नहीं है. कॉलेज का यह भी दावा है कि जांच के बाद ही साइंस और आर्ट्स में 1280 सीटों की स्वीकृति मिली थी और वर्तमान नामांकन उसी से कम है.
रजिस्ट्रेशन न होने से नाराज छात्रों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से मांग की कि शीघ्र हस्तक्षेप कर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कराई जाए, ताकि उनका एक वर्ष बर्बाद न हो.


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