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होटल-रेस्तरां इंडस्ट्री को राहत, हरदीप पुरी ने कहा, कमर्शियल LPG जरूरत का कोटा मुहैया कराया जायेगा

  • घरेलू क्षेत्र कुल खपत का 87 प्रतिशत है और  कमर्शियल सिर्फ 13 प्रतिशत.
  • मुंबई में 20 प्रतिशत तक होटल-रेस्तरां बंद होने की खबर है.
  • भारत में 80-85 प्रतिशत एलपीजी आयात होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होता है.

New Delhi : मिडिल ईस्ट वार के कारण जारी वैश्विक गैस संकट के बीच सरकार ने होटल-रेस्तरां इंडस्ट्री को राहत देने का फैसला किया है. खबर है कि पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस मसले पर बैठक की है.

 

बैठक में कमर्शियल एलपीजी की मौजूदा स्थिति के संदर्भ में इसका होटल-रेस्तरां और पर्यटन सेक्टर पर पड़ रहे असर पर मंथन किया गया. बैठक में  निर्णय लिया गया कि इस इंडस्ट्री को हर माह  एवरेज कमर्शियल LPG जरूरत का 20 फीसदी कोटा मुहैया कराया जायेगा,ताकि होटल और रेस्तरां का व्यवसाय चलता रहे.

 

यह कदम हाल ही में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में कमी और मूल्य वृद्धि के बाद उठाया गया है, ताकि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को निर्बाध आपूर्ति मिल सके.

 

बैठक में  होटल और रेस्तरां को अतिरिक्त गैस सप्लाई देने के उपायों का भी जिक्र किया गया.  सरकार ने कहा है  कि गैस की मौजूदा संकट खाड़ी युद्ध की वजह से पैदा हुए वैश्विक संकट का हिस्सा है.

 

मामला यह है कि पश्चिम एशिया में जारी ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध ने वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति पर गहरा असर डाला है. परेशानी की वजह यही है कि भारत में 80-85 प्रतिशत एलपीजी आयात इसी क्षेत्र खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होता है.

 

जहाजों की आवाजाही ठहर जाने के कारण से देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी कमी हो गयी. होटल, रेस्तरां, ढाबे और पर्यटन व्यवसाय चलाने वाले हलकान हैं. मुंबई में 20 प्रतिशत तक होटल-रेस्तरां बंद होने की खबर है.  

 

बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता और दिल्ली में कमोबेश हालात यही हैं. कहा जा रहा है कि  हालात नहीं सुधरे तो दो-तीन दिनों में 50 प्रतिशत तक होटल, रेस्तरां बंद हो सकते हैं. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बैठक के बाद कहा कि वर्तमान में सरकार घरेलू उपभोक्ताओं  को प्राथमिकता देती रही है.

 

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि लेकिन आज से ऑयल मार्केटिंग कंपनियां होटल-रेस्तरां इंडस्ट्री को उनकी औसत मासिक कमर्शियल एलपीजी जरूरत का लगभग 20 प्रतिशत कोटा देंगी. राज्य सरकारों के साथ मिलकर कोटा असली जरूरतमंद व्यवसायियों को दिया जायेगा.

 

जमाखोरी और कालाबाजारी नहीं होने दी जायेगी. इसके अलावा अतिरिक्त गैस सप्लाई के उपायों पर सरकार मंथन कर रही है.  अहम बात यह है कि घरेलू क्षेत्र कुल खपत का 87 प्रतिशत है और  कमर्शियल सिर्फ 13 प्रतिशत.

  

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