Raipur : देश की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई का निधन हो जाने की खबर है. तीजन बाई का पिछले कई दिनों से रायपुर AIIMS में इलाज चल रहा था. जानकारी के अनुसार आज तड़के लगभग सवा तीन बजे अचानक उनकी तबीयत और खराब हो गयीय चिकित्सक काफी प्रयास के बाद भी उन्हें बचा नहीं सके.
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के पीआरओ ने उनके निधन की पुष्टि की है. तीजन बाई के निधन की खबर से छत्तीसगढ़ समेत देश भर के सांस्कृतिक और कला जगत में शोक की लहर है.तीजन बाई का जन्म में 1956 में दुर्ग जिले के गनियारी गांव में हुआ था. उन्होंने लोक कला 'पंडवानी' (महाभारत की पारंपरिक कथा गायन शैली) को नया आयाम दिया था.
तीजन बाई ने अपने समय में पंडवानी की कापालिक शैली को अपनाया. उन्होंने इस कला(कापालिक शैली में पुरुषों का वर्चस्व तोड़ा. तीजन बाई ने भारी सामाजिक विरोध की परवाहनहीं की.दमदार आवाज, बेमिसाल अभिनय और हाथ में तंबूरा. तीजन बाई क मंच पर उतरते ही तो श्रोता मंत्रमुग्ध हो कर उनकी गायकी सुनते थे.
लोक संस्कृति और कला के क्षेत्र मेंअभूतपूर्व योगदान के लिए तीजन बाई को पद्म श्री (1987/88), पद्म भूषण (2003), पद्म विभूषण (2019) सहित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से भी नवाजा गया था.
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