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उफ्फ महंगाई! सितंबर में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 7.41 फीसदी पहुंची, खाने-पीने की चीजों के दाम 8.60 फीसदी बढ़े

LagatarDesk : महंगाई से आम लोगों को राहत मिलती नहीं दिख रही है. सितंबर माह में खाने-पीने के सामान के दाम बढ़ने के कारण खुदरा महंगाई दर भी बढ़ी है. सितंबर में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 7.41 फीसदी पर आ गयी है. यह लगातार नौंवा महीना है जब खुदरा महंगाई दर रिजर्व बैंक के अनुमान से अधिक है. शहरी और ग्रामीण इलाकों दोनों में खुदरा महंगाई दर बढ़ी है. शहरी इलाकों में खुदरा महंगाई दर 7.27 फीसदी रहा है, जो अगस्त में 6.72 फीसदी था. जबकि ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 7.56 फीसदी रहा है, जो अगस्त में 7.15 फीसदी रहा था. सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने बुधवार को आंकड़ा जारी किया. यह आंकड़ा कंज्यूमर प्राइस इंडेस्क यानी सीपीआई के आधार पर जारी किया गया है. (पढ़ें, हजारीबाग">https://lagatar.in/hazaribagh-accident-sarfaraz-dies-during-treatment-at-rims/">हजारीबाग

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अप्रैल के बाद सितंबर में महंगाई दर में सबसे बड़ी वृद्धि

MoSPI के आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले अगस्त माह में खुदरा महंगाई दर 7 फीसदी रही थी. इस तरह पिछले महीने की तुलना में इस बार खुदरा महंगाई दर में 0.41 फीसदी का इजाफा हुआ है. वहीं सितंबर 2021 में महंगाई दर 4.3 फीसदी थी. इस तरह पिछले साल की समान समयावधि की तुलना में खुदरा महंगाई दर 3.11 फीसदी अधिक है. आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में खुदरा महंगाई दर 7.79 फीसदी, मई में 7.04 फीसदी, जून में 7.01 फीसदी, जुलाई में 6.71 फीसदी और अगस्त में 7 फीसदी रही थी. अप्रैल के बाद सितंबर में महंगाई दर में यह सबसे बड़ी वृद्धि है. इसे भी पढ़ें : करवा">https://lagatar.in/amazing-coincidences-are-being-made-on-karva-chauth-after-13-years-worship-like-this-husbands-life-will-be-long/">करवा

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शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में बढ़ी खाद्य महंगाई दर

MoSPI के आंकड़ों के अनुसार, खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर में भी उछाल देखने को मिला है. सितंबर माह में खाद्य महंगाई दर 8.60 फीसदी पहुंच गयी है. जो अगस्त महीने में 7.62 फीसदी रही थी. जबकि जुलाई में 6.75 फीसदी और जून में 7.75 फीसदी खाद्य महंगाई दर रही थी. सितंबर महीने में महीने में शहरी और ग्रामीण दोनों ही इलाकों में खाद्य महंगाई दर में उछाल आया है. शहरी इलाकों में खाद्य महंगाई दर 8.65 फीसदी रहा है, जो अगस्त में 7.55 फीसदी रहा था. जबकि ग्रामीण इलाकों में महंगाई दर 8.53 फीसदी रहा है, जो अगस्त में 7.60 फीसदी रहा था.

साग-सब्जियों की कीमतों से सबसे अधिक उछाल

सितंबर में साग-सब्जियों की महंगाई दर 18.05 फीसदी रही है जबकि अगस्त 2022 में 13.23 फीसदी रही थी. जबकि मसाले की महंगाई दर बढ़तक 16.88% हो गयी. वहीं कपड़ों और जूतों में महंगाई दर 10.17 फीसदी और ईंधन एवं बिजली सेक्टर में इंफ्लेशन रेट 10.39% रही है. इसके अलावा अनाज और खाद्यान्न उत्पाद की कैटेगरी में महंगाई दर 11.53% रही है. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-massive-fire-breaks-out-in-airtels-warehouse/">रांची

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महंगाई बढ़ने से आर्थिक विकास पर होगा असर

महंगाई बढ़ने से इसका चौतरफा असर आर्थिक विकास पर देखा जायेगा. महंगाई की बड़ी वजह बड़ी कीमतों पर आयात भी है, जो विदेशों से सामान मंगाये जाते हैं. आयात के कई क्षेत्रों में महंगाई घटी है, लेकिन फूड आइटम्स और ऊर्जा के क्षेत्रों में इसमें बढ़ोतरी देखी जा रही है. पिछले नौ महीने से लगातार खुदरा महंगाई में तेजी है, जिसे रोकने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है.

अगस्त माह में औद्योगिक उत्पादन में आयी गिरावट

दूसरी ओर देश के औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) में अगस्त में 0.8 प्रतिशत की गिरावट आयी है. एक साल पहले समान महीने में औद्योगिक उत्पादन 13 प्रतिशत बढ़ा था. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की तरफ से बुधवार को जारी औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली. आंकड़ों के अनुसार, अगस्त, 2022 में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन 0.7 प्रतिशत सिकुड़ गया. इसके अलावा खनन उत्पादन में 3.9 प्रतिशत की गिरावट आयी. वहीं इस दौरान बिजली उत्पादन 1.4 प्रतिशत बढ़ा. इसे भी पढ़ें : किसका">https://lagatar.in/whose-benefit-whose-loss-demand-of-kurmi-caste-opposition-of-tribals/">किसका

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