Ranchi : राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के निदेशक प्रो. डॉ. डी. के. सिन्हा ने मंगलवार को सेंट्रल किचन और मेडिसिन विभाग का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. हिरेन्द्र बिरुआ समेत कई अधिकारी मौजूद रहे.

सेंट्रल किचन के निरीक्षण के दौरान निदेशक ने भोजन बनाने की प्रक्रिया, रसोई की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के रखरखाव, भोजन वितरण व्यवस्था और रिकॉर्ड की जांच की. प्रो. डॉ. डी. के. सिन्हा ने मरीजों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता और मात्रा भी परखी.
निरीक्षण में रसोई के कुछ हिस्सों में सफाई संतोषजनक नहीं मिली, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई. अधिकारियों और संबंधित एजेंसी को साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा के सभी मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए.
रिम्स निदेशक ने कहा कि मरीजों के स्वास्थ्य से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. साथ ही कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी की जांच कर रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट रखने और लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी.
इसके बाद निदेशक ने मेडिसिन विभाग का औचक निरीक्षण किया. उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली, मरीजों को मिल रही चिकित्सा सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा की. इस दौरान विभागाध्यक्ष अवकाश पर थे. निदेशक ने उपस्थिति पंजी की जांच की और मौजूद डॉक्टरों व अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.
निरीक्षण के दौरानप्रो. डॉ. डी. के. सिन्हा ने विभाग के डॉक्टरों से संसाधनों, मरीजों की बढ़ती संख्या, इलाज से जुड़ी जरूरतों और चुनौतियों पर चर्चा की. उन्होंने डॉक्टरों से मरीजों को समय पर, संवेदनशील और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए मिलकर काम करने की अपील की.
डॉ. डी. के. सिन्हा ने कहा कि मेडिसिन विभाग किसी भी अस्पताल की रीढ़ होता है, क्योंकि अधिकांश मरीजों का इलाज यहीं से शुरू होता है. इसलिए इस विभाग को संसाधनों से मजबूत बनाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि रिम्स प्रशासन मरीजों को बेहतर, सुलभ और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रहा है.
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