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रिम्स अधिग्रहीत जमीन फर्जीवाड़ा : चार आरोपियों को ACB कोर्ट से नहीं मिली राहत

रिम्स की अधिग्रहीत जमीन का फर्जीवाड़ा मामले में चार आरोपियों को एसीबी कोर्ट से राहत नहीं मिली. एसीबी की विशेष कोर्ट ने जेल में बंद राजेश झा और चेतन कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी. वहीं, सुमित्रा कुमारी बड़ाईक और मुन्नी कुमारी को भी अग्रिम राहत देने से इनकार करते हुए दोनों की याचिका खारिज की.
 
  • दो आरोपी की जमानत याचिका और दो की अग्रिम जमानत याचिका पर आया फैसला

Ranchi : रिम्स की अधिग्रहीत जमीन का फर्जीवाड़ा मामले में चार आरोपियों को एसीबी कोर्ट से राहत नहीं मिली. एसीबी की विशेष कोर्ट ने जेल में बंद राजेश झा और चेतन कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी. वहीं, सुमित्रा कुमारी बड़ाईक और मुन्नी कुमारी को भी अग्रिम राहत देने से इनकार करते हुए दोनों की याचिका खारिज की. 

 

दरअसल, मामले में 7 अप्रैल को एसीबी ने 4 आरोपियों राजकिशोर बड़ाईक, कार्तिक बड़ाईक, राजेश झा और चेतन कुमार को गिरफ्तार किया था. आरोपियों ने मिलीभगत कर रिम्स की अधिग्रहीत जमीन को निजी संपत्ति दिखाने के लिए फर्जी  वंशावली तैयार की थी. झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद एसीबी ने 5 जनवरी 2026 को मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी.

 

बता दें कि यह मामला 1964-65 में रिम्स की अधिग्रहीत करीब 9.65 एकड़ जमीन से जुड़ा है. जिसपर अवैध कब्जा कर अपार्टमेंट, दुकान और मकान बना लिया गया था. बाद में हाइकोर्ट के आदेश से इसे तोड़ा गया था.

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