Ranchi News : राजधानी में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के बढ़ते मामलों को देखते हुए रिम्स प्रबंधन ने तैयारी तेज कर दी है. इसको लेकर रिम्स के डेंगू वार्ड में छह बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है. इस वार्ड में H1N1 के संदिग्ध और संक्रमित मरीजों को रखा जाएगा.
स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों की लगातार निगरानी और इलाज के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है. वार्ड में डॉक्टर के साथ नर्सिंग टीम की तैनात है. वार्ड की जिम्मेदारी डॉ. कंचन किरण कुजूर को दी गई है. लेहली बाला को सिस्टर इंचार्ज बनाया गया है. इसके अलावा ऐश्वर्या किस्कू, स्वाति कुमारी, रीता कुमारी, अनिशा कुल्लू, सुनीता कच्छप, सोमा रानी महतो और ममता कुल्लू की भी ड्यूटी लगाई गई है.
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संक्रमण रोकने पर जोर
रिम्स प्रबंधन का कहना है कि अलग वार्ड बनाने का मुख्य उद्देश्य H1N1 के मरीजों को दूसरे मरीजों से दूर रखना है. इससे संक्रमण फैलने का खतरा कम होगा और मरीजों की निगरानी भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी. (झारखंड में स्वाइन फ्लू के मरीज बढ़े...)
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
स्वाइन फ्लू में तेज बुखार, खांसी, गले में दर्द, शरीर में दर्द, सिरदर्द और ज्यादा थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं. कुछ मरीजों को सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है. बच्चों, बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारी वाले मरीजों में संक्रमण ज्यादा गंभीर हो सकता है. डॉक्टरों ने लोगों से मास्क पहनने, हाथ साफ रखने और खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढंकने की सलाह दी है. फ्लू जैसे लक्षण होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है.
हालत बिगड़े तो तुरंत अस्पताल पहुंचें
तेज बुखार लगातार बना रहे, सांस लेने में परेशानी हो, सीने में दर्द हो या कमजोरी और पानी की कमी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. डॉक्टर की सलाह के बिना दवा लेने से बचना चाहिए.
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