Ranchi : रिम्स के मुख्य द्वार पर एक गर्ववती महिला को स्ट्रेचर नहीं मिलने के आरोपों पर रिम्स प्रशासन ने अपनी सफाई दी है. संस्थान की ओर से कराई गई जांच में इन आरोपों को भ्रामक बताया गया है.
रिम्स के अनुसार, संबंधित मरीज को निजी एंबुलेंस से अस्पताल लाया गया था और एंबुलेंस कर्मियों द्वारा ही मरीज को सीधे लिफ्ट के माध्यम से लेबर रूम तक पहुंचाया गया.
परिजनों के बयान के हवाले से रिम्स ने कहा कि अस्पताल गेट पर न तो स्ट्रेचर की मांग की गई और न ही किसी अस्पताल कर्मी से मदद मांगी गई. मरीज को एंबुलेंस ड्राइवर द्वारा ही जल्दबाजी में अंदर ले जाया गया.
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि घटना के समय अस्पताल परिसर में पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर उपलब्ध थे और आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधन मौजूद रहते हैं. रिम्स ने जानकारी दी कि मरीज का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है और फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर और पहले से बेहतर है.
मीडिया रिपोर्ट्स पर प्रतिक्रिया देते हुए रिम्स ने कहा कि प्रकाशित तस्वीरें और विवरण वास्तविक स्थिति को पूरी तरह नहीं दर्शाते हैं. बिना सत्यापन के खबरों के कारण भ्रम की स्थिति बनी है.
रिम्स प्रशासन ने कहा कि मरीजों को बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. सहायता के लिए मे आई हेल्प यू डेस्क पर होमगार्ड की तैनाती की गई है और किसी भी शिकायत या मदद के लिए इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम के नंबर 9431938646 पर संपर्क किया जा सकता है.
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