Ranchi: रिम्स में Annapurna Utility Services के कर्मियों द्वारा वेतन भुगतान को लेकर कुछ समय के लिए सेवाएं बाधित किए जाने के मामले में रिम्स प्रबंधन ने स्थिति स्पष्ट की है. प्रबंधन ने कहा है कि रिम्स एक आवश्यक सेवा की श्रेणी में आता है और किसी भी परिस्थिति में भ्रामक सूचना के आधार पर सेवाओं में व्यवधान उत्पन्न किया जाना पूर्णतः अस्वीकार्य है. इस तरह की गतिविधियों को गंभीरता से लिया गया है.
रिम्स प्रबंधन के अनुसार, Annapurna Utility Services के कर्मियों का वेतन नवंबर 2025 तक जारी किया जा चुका है. वेतन भुगतान की प्रक्रिया 17 जनवरी 2026 को पूर्ण कर ली गई थी. दिसंबर 2025 का बिल एजेंसी द्वारा मात्र दो दिन पूर्व प्रस्तुत किया गया है, जो नियमानुसार प्रक्रियाधीन है.
प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि अप्रैल 2024 से Annapurna Utility Services द्वारा अपने कर्मियों के EPF और ESI अंशदान की राशि जमा नहीं की जा रही थी, जबकि संबंधित मद की राशि रिम्स द्वारा नियमित रूप से भुगतान की जा रही थी.
चूंकि EPF और ESI कर्मियों के हित से जुड़ा विषय है, इसलिए उक्त राशि एजेंसी को भुगतान न करते हुए रोक दी गई है. रिम्स प्रबंधन ने यह सुनिश्चित करने की बात कही है कि यह राशि सीधे कर्मियों के EPF और ESI खातों में जमा कराई जाएगी.
रिलीवर फंड के भुगतान को लेकर रिम्स ने एजेंसी से उपस्थिति पंजी की मांग की थी. एजेंसी द्वारा पंजी जमा करने का दावा किया गया है, लेकिन वह रिम्स कार्यालय में उपलब्ध नहीं है. इस संबंध में दो बार प्रमाण मांगे जाने के बावजूद एजेंसी द्वारा कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया है.
इसी वजह से रिलीवर फंड की प्रक्रिया लंबित है. मामले की जांच के लिए Fact Finding Committee का गठन किया गया है.
रिम्स प्रबंधन ने बताया कि Annapurna Utility Services की अनुबंध अवधि समाप्त होने के बाद चरणबद्ध तरीके से 31 जनवरी 2026 तक कार्यादेश का विस्तार किया गया था. जनवरी 2026 के वेतन का बिल प्राप्त होते ही शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा.
प्रबंधन ने दोहराया कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना रिम्स की प्राथमिकता है कि आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी स्थिति में बाधित न हों, ताकि मरीजों और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
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