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RTI खुलासे से आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज पर उठे सवाल, प्रथम अपील की तैयारी

झारखंड में प्रस्तावित राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर एक अहम तकनीकी जानकारी सामने आई है, जिसने इस परियोजना की वैधानिक स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरटीआई कार्यकर्ता सुरेंद्र पांडेय द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में National Commission for Indian System of Medicine (NCISM), नई दिल्ली ने बताया है कि यह मामला फिलहाल उनके कार्यालय से संबंधित नहीं है.
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Ranchi: झारखंड में प्रस्तावित राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर एक अहम तकनीकी जानकारी सामने आई है, जिसने इस परियोजना की वैधानिक स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरटीआई कार्यकर्ता सुरेंद्र पांडेय द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में National Commission for Indian System of Medicine (NCISM), नई दिल्ली ने बताया है कि यह मामला फिलहाल उनके कार्यालय से संबंधित नहीं है.

 

आयोग के आधिकारिक पत्र (Ref. No. 20-50/2026-(RTI)-IV) में यह स्पष्ट किया गया है कि प्रस्तावित कॉलेज से जुड़ी कोई प्रक्रिया उनके स्तर पर लंबित या विचाराधीन नहीं है. यह जानकारी इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि NCISM Act 2020 की धारा 28 और 29 के तहत देश में किसी भी नए आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना और अंतिम अनुमति देने का अधिकार केवल इसी आयोग के पास है. बिना आयोग की मंजूरी के किसी भी कॉलेज की स्थापना संभव नहीं है


ऐसे में अनुमति देने वाले सर्वोच्च निकाय के पास ही इस परियोजना की जानकारी नहीं होना एक गंभीर प्रशासनिक विसंगति की ओर संकेत करता है. इस मुद्दे को लेकर सुरेंद्र पांडेय ने कहा कि वे अब प्रथम अपील दायर करने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि योजना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके. उन्होंने कहा कि प्रथम अपील का इस महत्वपूर्ण परियोजना की वस्तु-स्थिति स्पष्ट हो सके.

 

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