Lagatar Desk : डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार कमजोर होता जा रहा है. शुक्रवार को कारोबार के दौरान पहली बार रुपया डॉलर के मुकाबले 96 के पार पहुंच गया. हालांकि बाद में थोड़ी सुधार के साथ यह 95.81 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है.
बीते पांच कारोबारी दिनों में रुपया करीब 2.30 रुपये कमजोर हुआ है. यानी हर दिन औसतन 46 पैसे की गिरावट दर्ज की गई. मुद्रा बाजार में इतनी बड़ी गिरावट कम ही देखने को मिलती है.
विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितताओं की वजह से रुपये पर दबाव बढ़ा है.
इस साल 6 फीसदी टूटा रुपया
इस साल अब तक डॉलर के मुकाबले रुपया 6 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है. पिछले छह कारोबारी सत्रों में ही इसमें करीब 2 प्रतिशत की गिरावट आई है. इसकी बड़ी वजह ईरान से जुड़े तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी मानी जा रही है.
अमेरिका में मजबूत आर्थिक आंकड़ों के बाद डॉलर भी मजबूत हुआ है. इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम हुई है, जिसका असर भारतीय मुद्रा पर पड़ा है.
रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया
इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 95.86 पर खुला और कारोबार के दौरान 96.14 तक गिर गया. बाद में RBI के संभावित हस्तक्षेप के कारण इसमें थोड़ी रिकवरी हुई और यह 95.81 पर बंद हुआ. इससे पहले गुरुवार को रुपया 95.64 पर बंद हुआ था.
100 के पार जा सकता है रुपया
मार्केट एक्सपर्ट की मानें कि आने वाले दिनों में भी रुपये में और कमजोरी देखने को मिल सकती है. एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती रहीं और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रही, तो साल के अंत तक डॉलर के मुकाबले रुपया 100 रुपये के पार पहुंच सकता है.
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