Lagatar Desk: रूस ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया है. UNSC में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद में एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका का प्रतिनिधित्व बढ़ना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि ब्राजील और भारत की स्थांयी सदस्यता का रूस समर्थन करता है.
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सर्गेई लावरोव ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान वैश्विक संतुलन संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के समय से काफी अलग है, इसलिए सुरक्षा परिषद को अधिक प्रभावी और प्रतिनिधित्व् पूर्ण बनाने के लिए सुधारों की आवश्यकता है.
सुरक्षा परिषद में अपने भाषण में लावरोव ने कहा कि पश्चिमी देशों की अतिरिक्त सीटों का विरोध किया. उन्होंने खासतौर पर जर्मनी और जापान का नाम लेते हुए उन पर सैन्यवाद और बदले की भावना की ओर बढ़ने का आरोप लगाया. कहा कि यूएनएससी में सुधार के दौरान मौजूद स्थायी सदस्यों के अधिकारों और शक्तियों में कमी नहीं होनी चाहिए.
भारत की सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग 1990 के दशक से उठती रही है. 2008 से यूएन में सुरक्षा परिषद सुधान पर औपचारिक बाचतीच शुरू हुई. 2010 में भारत ने ब्राजील, जर्मनी और जापान के साथ G4 सहूह बनाकर स्थाई सीट की मांग आगे बढ़ाई. 2026 में भी सुधार को लेकर बाचतीच जारी है, लेकिन सदस्य 15 देशों के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नए ढांचे पर सहमति पर बनी है.
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