Lagatar Desk: देश की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने प्रोफेशनल बैडमिंटन से संन्यास लने की घोषणा कर दी है. एक पॉडकास्ट में उन्होंने इसकी घोषणा की. उन्होंने घुटने के दर्द के कारण संन्यास लेने का फैसला लिया है. अब उनके लिए दर्द के कारण खेलना और ट्रेनिंग संभव नहीं रह गया है. वे आखिरी बार जून 2023 में सिंगापुर ओपन में खेली थीं.
घुटने के दर्द बना कारण
साइना ने एक पॉडकास्ट में बताया कि, मैंने अपनी शर्तों पर खेल शुरू किया और अपनी शर्तों पर ही छोड़ा. साथ ही कहा कि, मेरा शरीर अब इसे हैंडल नहीं कर पा रहा, मैं और पुश नहीं कर सकती. . मैं पहले दिन में 8–9 घंटे ट्रेनिंग करती थी, लेकिन अब मेरे घुटने 1-2 घंटे में ही जवाब दे देते हैं. साइना ने कहा कि उनके घुटनों का कार्टिलेज पूरी तरह घिस चुका है और उन्हें आर्थराइटिस हो गया है. उन्होंने कहा कि जब आप खेल ही नहीं पा रहे तो वहीं रुक जाना चाहिए.

साइना की शानदार उपलब्धियां
साइना नेहवाल देश की पहली बैडमिंटन खिलाड़ी बनी, जो साल 2012 लंदन ओलंपिक में महिला एकल में कांस्य पदक जीती. साल 2015 में विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीती, वहीं साल 2017 में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीती. वह भारत की एकमात्र महिला खिलाड़ी हैं जो विश्व की नंबर 1 की रैंकिंग हासिल की. वे साल 2010 और 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीत चुकी है.
भारत सरकार से सम्मान
साइना की बड़ी उपलब्धी के लिए सरकार ने साल 2009 में अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा. वहीं साल 2010 में पद्म श्री और राजीव गांधी खेल रत्न सम्मान से सम्मानित किया. जबकि साल 2016 में भारत सरकार ने देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया.
साइना का प्रारंभिक जीवन
साइना नेहवाल का जन्म 17 मार्च 1990 को हरियाणा के हिसार जिले में हुआ. वे एक जाट परिवार से ताल्लुक रखती हैं. उनके पिता डॉ. हरवीर सिंह नेहवाल सरकारी नौकरी में थे. जबकि उनकी मां उषा रानी हरियाणा स्तर की बैडमिंटन खिलाड़ी रह चुकी है. पिता की पोस्टिंग हैदराबाद में होने कारण 8 साल की उम्र में साइना वहां शिफ्ट हो गई. उनकी प्रारंभिक ट्रेनिंग हैदराबाद में हुई.
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