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Saraikela : JSSC-PGT शिक्षक नियुक्ति पत्र दिलाने के नाम पर 10 लाख मांगने वाला आरक्षी गिरफ्तार

झारखंड में JSSC-PGT शिक्षक नियुक्ति के नाम पर कथित ठगी और अवैध वसूली का मामला सामने आया है. सरायकेला-खरसावां पुलिस ने एक आरक्षी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान रांची निवासी सुशील कुमार के रूप में हुई है और वह J.A.R.F. 05 कंपनी में आरक्षी के पद पर कार्यरत है.
 
  • JSSC-PGT शिक्षक नियुक्ति के नाम पर 10 लाख की मांग
  • सरायकेला में आरक्षी गिरफ्तार
  • भर्ती के नाम पर ठगी की जांच तेज

Saraikela :  झारखंड में JSSC-PGT शिक्षक नियुक्ति के नाम पर कथित ठगी और अवैध वसूली का मामला सामने आया है. सरायकेला-खरसावां पुलिस ने एक आरक्षी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान रांची निवासी सुशील कुमार के रूप में हुई है और वह J.A.R.F. 05 कंपनी में आरक्षी के पद पर कार्यरत है.

 

सुशील कुमार पर एक अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र दिलाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये मांगने का आरोप है. पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इसके पीछे कोई संगठित गिरोह का हाथ तो नहीं है. 

 

चांडिल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) शिव प्रकाश कुमार ने बताया कि 9 जुलाई को आरोपी चौका थाना क्षेत्र के बड़ामटांड़ गांव स्थित देवीलाल साव के घर पहुंचा था. आरोप है कि उसने देवीलाल साव की पुत्री को JSSC-PGT शिक्षक नियुक्ति पत्र दिलाने के बदले 10 लाख रुपये की मांग की.

 

इसकी जानकारी मिलते ही देवीलाल साव के साले गुरुचरण साव और गांव के लोगों ने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया. इसके बाद उसे चौका थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया. सूचना मिलने पर थाना प्रभारी गौरव कुमार और पुलिस अधिकारियों ने आरोपी से पूछताछ शुरू की.

 

पुलिस ने आरोपी के बैग की तलाशी ली, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए. बरामद सामान में JSSC-PGT के दो एडमिट कार्ड, दो मूल शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, आवेदकों से जुड़े कंप्यूटराइज्ड दस्तावेज, झारखंड हाईकोर्ट के आदेश की एक प्रति, छह ब्लैंक चेक, एक आधार कार्ड और दो मोबाइल फोन शामिल हैं. पुलिस ने सभी सामान जब्त कर जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है.

 

इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि भर्ती के नाम पर चल रहे इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.

 

साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या अन्य अभ्यर्थियों से भी इसी तरह रुपये वसूलने की कोशिश की गई थी. पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

 

 

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