- पुलिस और माफिया पर मिलीभगत का आरोप
Saraikela : जिले के ईचागढ़ में अवैध बालू कारोबार से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है. अंचल प्रशासन द्वारा जब्त करीब 8 हजार में से 5 हजार CFT अवैध बालू थाने की निगरानी में ही गायब हो जाने से पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में पुलिस और बालू माफियाओं की मिलीभगत का आरोप लगाया है.
शिकायत के बाद हुई थी छापेमारी
जानकारी के अनुसार, 12 मई को ईचागढ़ के अंचल अधिकारी दीपक प्रसाद ने ग्रामीणों की शिकायत पर उत्क्रमित विद्यालय पुरानडीह के पास स्थित परती जमीन पर छापेमारी की थी. छापेमारी के दौरान वहां बड़ी मात्रा में अवैध रूप से डंप करीब 8 हजार CFT बालू बरामद किया गया था. प्रशासन ने बरामद बालू को जब्त करने के बाद सुरक्षा और निगरानी के लिए उसे ईचागढ़ थाना के हवाले कर दिया गया था.
रातो-रात गायब हुआ बालू
ग्रामीणों के अनुसार, बीती रात थाना की निगरानी में रखा गया बालू अचानक गायब हो गया. सुबह जब लोग मौके पर पहुंचे तो वहां ट्रैक्टरों के ताजा टायर के निशान मिले. स्थानीय लोगों का अनुमान है कि रातभर में करीब 5 हजार CFT बालू ट्रैक्टरों के जरिए वहां से हटाया गया. ग्रामीणों का आरोप है कि जिस सिंडिकेट ने पहले अवैध बालू डंप किया था, उसी ने पुलिस की मिलीभगत से दोबारा बालू का उठाव किया.
अंचल अधिकारी ने थाना प्रभारी पर डाली जिम्मेदारी
मामले को लेकर अंचल अधिकारी दीपक प्रसाद ने कहा कि उन्हें बालू चोरी की जानकारी नहीं थी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब्त सामग्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित थाना प्रभारी की होती है. उन्होंने पूरे मामले की जांच करने की बात कही है
ग्रामीणों में नाराजगी, उच्चस्तरीय जांच की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि ईचागढ़ क्षेत्र में बालू माफियाओं का नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है. आरोप है कि स्वर्णरेखा नदी घाट से प्रतिदिन अवैध बालू उठाव, डंपिंग और सप्लाई का काम जारी है, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई का कोई असर नहीं दिख रहा. ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने और अवैध बालू कारोबार में शामिल माफियाओं पर सख्त कानूनी कदम उठाने की मांग की है.
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