Saraikela: जिले के तीन प्रमुख बालू घाटों की ई-नीलामी सफलतापूर्वक पूरी हो गई है. इस नीलामी में जिला प्रशासन को उम्मीद से कहीं अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है. तीनों घाटों का कुल रिजर्व प्राइस 2 करोड़ 81 लाख 55 हजार 852 रुपये तय किया गया था, जबकि ई-नीलामी में कुल 5 करोड़ 82 लाख 38 हजार 879 रुपये की सबसे ऊंची बोलियां प्राप्त हुईं. इससे खनन विभाग को रिजर्व प्राइस की तुलना में लगभग दोगुना राजस्व मिला है.
राजनगर प्रखंड के बालीडीह बालू घाट का रिजर्व प्राइस 62 लाख 33 हजार रुपये रखा गया था. इस घाट के लिए एसजी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 1 करोड़ 43 लाख 37 हजार 350 रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाकर संचालन का अधिकार हासिल किया.
वहीं सरजमडीह बालू घाट का रिजर्व प्राइस 60 लाख 95 हजार रुपये निर्धारित था. इस घाट की सबसे ऊंची बोली 1 करोड़ 46 लाख 20 हजार 367 रुपये रही, जिसे कोरन कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने लगाया.
सबसे ज्यादा आकर्षण यादूडीह बालू घाट की नीलामी में देखने को मिला. इस घाट का रिजर्व प्राइस 1 करोड़ 58 लाख 27 हजार 651 रुपये था, लेकिन एसजी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 2 करोड़ 92 लाख 81 हजार 162 रुपये की रिकॉर्ड बोली लगाकर इसे अपने नाम कर लिया. यह पूरी नीलामी की सबसे बड़ी बोली रही.
जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सतपति ने बताया कि सफल बोलीदाताओं को अब पर्यावरणीय स्वीकृति, खनन योजना और अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी. सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद संबंधित एजेंसियों को घाटों का संचालन सौंप दिया जाएगा.
खनन विभाग का मानना है कि वैध रूप से बालू घाटों का संचालन शुरू होने से सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी होगी और जिले में अवैध बालू खनन व परिवहन पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा. साथ ही नियमित निगरानी के जरिए पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी.
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