Saraikela : दिल्ली के होटल व बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित अस्पताल में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद सरायकेला में सार्वजनिक भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है. प्रशासन की टीम ने जिले के होटलों व अस्पतालों में फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की जांच की. इस दौरान कई जगहों पर खामियां पाई गईं.
जिले के कई पुराने होटलों में अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं, लेकिन इनके रखरखाव, जांच व कर्मचारियों को इनके उपयोग के बारे में प्रशिक्षण तक नहीं मिला है. ऐसे में आपात स्थिति में इन उपकरणों के सही तरीके से काम करने को लेकर संदेह बना हुआ है.
वहीं, हाल के वर्षों में बने नए होटलों में अपेक्षाकृत बेहतर व्यवस्था देखने को मिली. कई होटलों में स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म और अन्य आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं. होटल प्रबंधन का कहना है कि आग या धुएं की स्थिति में अलार्म सिस्टम तुरंत सक्रिय होकर लोगों को सतर्क कर देगा, जिससे समय रहते सुरक्षित निकासी संभव हो सकेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि केवल उपकरण लगा देना ही पर्याप्त नहीं है. नियमित मॉक ड्रिल और कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी उतना ही जरूरी है.
अस्पतालों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं दिखी. कई अस्पतालों में फायर सेफ्टी उपकरण तो मौजूद हैं, लेकिन कर्मचारियों को आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण, मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था व नियमित सुरक्षा अभ्यास को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है. विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था सबसे मजबूत होनी चाहिए, क्योंकि यहां भर्ती मरीज खुद तेजी से बाहर नहीं निकल सकते.
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