Saraikela : कपाली थाना क्षेत्र में एक आदिवासी युवती के साथ पुलिस अभिरक्षा में कथित मारपीट और उत्पीड़न के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने कड़ा रुख अपनाया है. आयोग ने सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) को नोटिस जारी कर पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर सौंपने का निर्देश दिया है.
जानकारी के अनुसार, आयोग ने यह कार्रवाई भाजपा जमशेदपुर महानगर के जिला मीडिया सह-प्रभारी अखिलेश सिंह द्वारा की गई शिकायत के आधार पर की है. शिकायत में आदिवासी युवती के साथ पुलिस द्वारा कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई थी.
आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 338A के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए जिला प्रशासन से घटना की पूरी जानकारी, अब तक की गई कार्रवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत प्रतिवेदन मांगा है. साथ ही मामले से जुड़े अन्य आवश्यक दस्तावेज भी रिपोर्ट के साथ उपलब्ध कराने को कहा गया है.
आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट नहीं मिलने या जवाब संतोषजनक नहीं होने पर वह संवैधानिक प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई कर सकता है.
गौरतलब है कि यह मामला 15 जून 2026 का है. आरोप है कि कपाली थाना क्षेत्र की एक आदिवासी युवती को उसकी लापता सहेली के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया था, जहां पुलिस अभिरक्षा में उसके साथ मारपीट और उत्पीड़न किया गया. मामला सामने आने के बाद जिला पुलिस ने तत्कालीन थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया था. अब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की ओर से नोटिस जारी होने के बाद मामले की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं.
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