Adityapur : शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में शनिवार को आदित्यपुर नगर निगम के सभी पार्षदों को सिनी स्थित वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का भ्रमण कराया गया. इस दौरान पार्षदों ने प्लांट में कचरे के संग्रहण, पृथक्करण और निष्पादन की पूरी प्रक्रिया को करीब से देखा और उसकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली.
निरीक्षण के दौरान निगम के अधिकारियों ने बताया कि प्लांट में घरों और बाजारों से एकत्रित होने वाले सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग किया जाता है. गीले कचरे का उपयोग जैविक खाद तैयार करने में किया जा रहा है, जबकि सूखे कचरे को पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) के लिए भेजा जाता है. अधिकारियों ने प्लांट की दैनिक क्षमता, मशीनों के संचालन और कचरा प्रबंधन की विभिन्न प्रक्रियाओं की भी जानकारी दी.
दौरे के बाद पार्षदों और निगम अधिकारियों के बीच एक बैठक आयोजित की गई. बैठक में शहर को कचरा मुक्त बनाने की रणनीति, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को शत-प्रतिशत लागू करने और लोगों को घरों में ही कचरे का पृथक्करण करने के लिए जागरूक करने पर विस्तार से चर्चा हुई.
पार्षदों ने प्लांट की व्यवस्थाओं और कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया की सराहना की. उन्होंने कहा कि अपने-अपने वार्डों में स्वच्छता अभियान को और तेज किया जाएगा और लोगों को सूखा और गीला कचरा अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा.
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को ठोस कचरा प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों और व्यवस्थाओं से अवगत कराना है. इससे पार्षद अपने क्षेत्रों में लोगों को सही जानकारी दे सकेंगे और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे.
निगम को उम्मीद है कि जनसहभागिता बढ़ने से आदित्यपुर की स्वच्छता व्यवस्था और बेहतर होगी और स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग में भी सुधार आएगा.
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