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रांची में सरस्वती पूजा की धूम, रिम्स में 1.10 लाख की प्रतिमा, हेसाग में सबसे महंगी मूर्ति

रांची में 23 जनवरी को सरस्वती पूजा पूरे उल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाई जाएगी. शहर के सैकड़ों इलाकों में विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं.
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Ranchi : रांची में 23 जनवरी को सरस्वती पूजा पूरे उल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाई जाएगी. शहर के सैकड़ों इलाकों में विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं.कहीं थीम आधारित भव्य पंडाल बनाए गए हैं तो कहीं छोटे पंडालों में सादगी के साथ पूजा की जा रही है. इस वर्ष रांची में थीम आधारित मूर्तियों की विशेष मांग देखने को मिल रही है और पूजा समितियों ने लाखों रुपये की मूर्तियों का ऑर्डर दिया है.

 

इस बार रांची की सबसे महंगी सरस्वती प्रतिमा का ऑर्डर हेसाग स्थित एक पूजा समिति ने दिया है. 1.15 लाख रुपये की लागत से तैयार की जा रही यह प्रतिमा कैलाश पर्वत थीम पर आधारित है, जिसमें शिवलोक और हिमालयी वातावरण की झलक दिखाई देगी. 

 

इसके बाद दूसरी सबसे महंगी प्रतिमा रिम्स परिसर में स्थापित की जा रही है, जिसकी लागत 1.10 लाख रुपये है.रिम्स में स्थापित होने वाली यह 16 फीट ऊंची प्रतिमा द्वापर युग और कलयुग की थीम पर आधारित है. प्रतिमा में मां सरस्वती के एक ओर श्रीकृष्ण को दर्शाया गया है, जबकि दूसरी ओर भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा विराजमान हैं. यह प्रतिमा ज्ञान, भक्ति और सांस्कृतिक समन्वय का संदेश देती है.

 

रिम्स परिसर में इस वर्ष कोणार्क के सूर्य मंदिर की थीम पर भव्य पंडाल का निर्माण किया जा रहा है. पंडाल की ऊंचाई लगभग 45 फीट और चौड़ाई 35 फीट है.पंडाल निर्माण पर करीब 5 लाख रुपये की लागत आई है. इस पूजा का आयोजन रिम्स के 2022 बैच के विद्यार्थियों द्वारा कराया जा रहा है. आयोजकों के अनुसार, यह पंडाल और प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण के केंद्र होंगे.

 

शहर के अन्य इलाकों की तरह रिम्स की प्रतिमा भी कोलकाता की गंगा मिट्टी, लोहरदगा की पंख मिट्टी और नगड़ा मिट्टी से तैयार की गई है. मूर्तिकारों ने पारंपरिक विधि से पुआल का ढांचा बनाकर उस पर नगड़ा मिट्टी की परत चढ़ाई है. सूखने के बाद दोबारा लेयर दी गई और फिर पंख मिट्टी का प्रयोग किया गया. अंत में चेहरे, उंगलियों और फिनिशिंग के लिए गंगा की मिट्टी का उपयोग किया गया है. प्रतिमा में 3D पेंटिंग भी की गई है, जिससे वह और अधिक आकर्षक दिख रही है.

 

मूर्ति निर्माण से जुड़े कलाकारों के अनुसार इस वर्ष बाजार काफी अच्छा रहा है और पिछले दस वर्षों से थीम आधारित मूर्तियों की मांग लगातार बढ़ रही है.रांची में 10 इंच से लेकर 14 फीट तक की मूर्तियां बनाई जा रही हैं, जिनकी कीमत 300 रुपये से लेकर एक लाख रुपये से अधिक तक है. साज-सज्जा का सामान कोलकाता, सूरत और बंगाल से मंगाया गया है.

 

कल सरस्वती पूजा के अवसर पर रांची, विशेषकर रिम्स परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है. विद्यार्थी मां सरस्वती से विद्या, विवेक और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद मांगेंगे. पूजा समितियों ने दर्शन, सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं.

 

 

 

 

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