Shambhu Kumar
Chakradharpur : प्रकृति पर्व सरहुल पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में धूमधाम से मनाया गया. शनिवार को चक्रधरपुर सहित आसपास के क्षेत्र मं सरना स्थलों पर विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई. चक्रधरपुर के वनमालीपुर स्थित पेलो टुंगरी स्थित सरना स्थल, टेबुल लाईन स्थित सरना स्थल पर पूजा-अर्चना के लिए लोगों का जुटान हुआ. वहीं सरना स्थल व आसपास क्षेत्र में सरना झंडा लगाकर सजाया गया था.

मौके पर पुराने विधि-विधान के तहत पुजारी ने क्षेत्र में खुशहाली, हरीयाली की भविष्यवाणी की. परंपरा के अनुसार इस पर्व के बाद लोग खेतीबाड़ी में जुट जाते है. इस मौके पर समिति के सदस्यों ने बताया कि चैत्र महीने में होने वाले सरहुल पर्व के दौरान प्रकृति की पूजा होती है. जहां प्रकृति का संतुलन बना रहे, अच्छी बारिश हो इत्यादि की कामना की जाती है. इस मौके पर बड़ी संख्या में सरना समाज के लोग मौजूद थे.
निकाली गई शोभा यात्रा, जमकर उड़े अबीर-गुलाल
सरहुल पर्व के अवसर पर वनमालीपुर स्थित पेलो टुंगरी सरना स्थल से शनिवार शाम उरांव सरना समिति की ओर से विशाल शोभा यात्रा निकाली गई. जिसमें बड़ी संख्या में सरना समाज के महिला-पुरूष शामिल हुए. इस शोभा यात्रा के दौरान लोगों ने एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर सरहुल की बधाई दी. वहीं लोग हाथों में सरना झंडा लिये हुए मांदर व ढोल की धुन पर पारंपरिक गीत गाते हुए थिरकते हुए चल रहे थे.

जहां मुख्य रूप से चक्रधरपुर नगर परिषद के अध्यक्ष सन्नी उरांव भी शामिल हुए. जहां उन्होंने सभी को प्रकृति पर्व सरहुल की बधाई दी. विधि व्यवस्था को लेकर थाना प्रभारी अवधेश कुमार के साथ पुलिस जवान मौजूद थे. शोभा यात्रा वनमालीपुर से निकलकर टोकलो रोड, भगत सिंह चौक, रांची-चाईबासा मुख्य मार्ग, पोर्टरखोली, लोको कॉलोनी होते हुए टेबुल लाईन स्थित सरना स्थल पहुंची. इस मौके पर उरांव सरना समिति के सभी सदस्यों के अलावे बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मौजूद थे.
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