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फार्मेसी काउंसिल में हुई नियुक्ति की सरयू राय ने की सीबीआई जांच की मांग

Ranchi: विधायक सरयू राय ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को पत्र लिख कर झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल में हुई नियुक्तियों की सीबीआई जांच करने की मांग की है. उन्होंने मंत्री के लिखे पत्र विधानसभा में इस मुद्दे पर उठाये गये सवाल-जवाब के बाद अध्यक्ष द्वारा दिये गये नियमन का हवाला दिया है.
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Ranchi: विधायक सरयू राय ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को पत्र लिख कर झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल में हुई नियुक्तियों की सीबीआई जांच करने की मांग की है. उन्होंने मंत्री के लिखे पत्र विधानसभा में इस मुद्दे पर उठाये गये सवाल-जवाब के बाद अध्यक्ष द्वारा दिये गये नियमन का हवाला दिया है.


सरयू राय में स्वास्थ्य मंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि अध्यक्ष ने यह नियमन दिया था कि फार्मेसी काउंसिल में हुई नियुक्तियों के मामले में मैं (सरयू राय) लिखित ब्योरा स्वास्थ्य मंत्री को दूंगा. स्वास्थ्य मंत्री इसमें वर्णित तथ्यों के आलोक में कार्रवाई करेंगे. अध्यक्ष के इस नियमन के आलोक में वह नियुक्तियों में हुई अनियमितताओं से संबंधित लिखित विवरण दे रहे हैं.


पत्र में फार्मेसी काउंसिल में रजिस्ट्रार के पद पर नियुक्ति का उल्लेख करते हुए कहा गया कि तत्कालीन मंत्री बन्ना गुप्ता ने गलत तरीके से राहुल कुमार को नियुक्त किया था. उन्होंने गड़बड़ी का मामला उठाया था. जांच में पुष्टि होने के बाद राहुल कुमार को बर्खास्त किया गया. 

 

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प्रशांत कुमार पांडेय


इसके बाद तत्कालीन मंत्री की अनुशंसा पर ही प्रशांत कुमार पांडेय की नियुक्ति छह महीने के लिए की गयी. छह महीने की अवधि 13-4-2025 को पूरी हो गयी है. अयोग्य होने के बावजूद पांडेय अब तक इस पद पर काबिज हैं. आयोग्य व्यक्ति को समय सीमा समाप्त होने के बावजूद पद पर बनाये रखने की जिम्मेवारी वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री पर है.


पांडेय के मामले में हुई जांच से यह जानकारी मिलती है कि उनकी नियुक्ति अवैध है. वह एक ही साथ तीन से अधिक जगहों पर फार्मासिस्ट के रूप में कार्यरत थे. दस्तावेज में छेड़छाड़ कर अपनी दोहरी नौकरी को छिपाया. जांच में उनकी डिग्री के फर्जी होने की आशंका जतायी गयी है. जांच समिति की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद संयुक्त निदेशक औषधी ने प्राथमिकी दर्ज करने की अनुशंसा की है.

 

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रणधीर कुमार गुप्ता


पत्र में डिप्लोमा-इन-फार्मेसी परीक्षा समिति के अध्यक्ष पद पर रणधीर कुमार गुप्ता की नियुक्ति में हुई अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है. इसमें कहा गया है कि फार्मेसी में अवैध रूप से नियुक्त प्रशांत पांडेय ने अपने ही स्तर से परीक्षा समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति कर दी. इस सिलसिले में पदभार ग्रहण करने से संबंधित कार्यालय आदेश जारी किया गया. इसमें परीक्षा समिति के नाम का उल्लेख नहीं किया गया. 


स्वास्थ्य विभाग ने अब तक परीक्षा समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति से संबंधित अधिसूचना जारी नहीं की है. पत्र में फार्मेसी काउंसिल को अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का अड्डा बताया गया है. साथ ही मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की गयी है.

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