Ranchi: झारखंड विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान विधायक सरयू राय ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरा. उन्होंने कहा कि बजट में राज्य की प्रगति दिखाई जा रही है और प्रति व्यक्ति आय और जीडीपी बढ़ने की बात कही जा रही है, लेकिन असली सवाल यह है कि राशि का सही उपयोग हो रहा है या नहीं.
उन्होंने कहा कि पिछले बजट की 68 घोषणाओं में से केवल 8 ही पूरी हुई हैं, जबकि 59 अभी प्रक्रियाधीन हैं. इसे उन्होंने प्रशासनिक विफलता बताया. सरयू राय ने आरोप लगाया कि बजट में आवंटन के बावजूद 100 करोड़ रुपये का स्पष्ट हिसाब नहीं मिल रहा है. उन्होंने बैंकों की एफडी से जुड़े 17 करोड़ रुपये के लेनदेन पर भी सवाल उठाए और 1000 करोड़ रुपये के ऑडिट मामलों पर सरकार से जवाब मांगा.
उन्होंने कहा कि कई पुरानी घोषणाएं इस बार भी दोहराई गई हैं. स्टेट टेक्नोलॉजी पार्क, इनोवेशन हब और जे हब जैसी योजनाओं में प्रगति नहीं दिख रही है. मिलेट किसानों और चाय खेती को लेकर की गई घोषणाओं की स्थिति भी स्पष्ट नहीं है.
मुख्यमंत्री की दावोस यात्रा पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि टाटा, जिंदल जैसे बड़े उद्योग समूहों से बातचीत राज्य में भी हो सकती थी. उन्होंने सुझाव दिया कि कृषि और वन क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग के लिए विशेषज्ञों की टास्क फोर्स बनाई जाए. मंईयां सम्मान योजना का समर्थन करते हुए उन्होंने इसके प्रभाव का सर्वे कराने की मांग की.
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