Ranchi News: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा के प्रस्तावित ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र भगाओ’ अभियान पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह लोकतंत्र की रक्षा करना चाहती है या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश कर रही है.
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राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा 2 नवंबर को लोकतंत्र बचाने के नारे के साथ सड़क पर उतरने की तैयारी कर रही है, लेकिन चुनावी पारदर्शिता और मताधिकार की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब भी उसे देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के सवालों का तथ्यात्मक जवाब देने के बजाय भाजपा नारेबाजी का सहारा ले रही है.
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना कोई गलत बात नहीं है. मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और वोट के अधिकार की सुरक्षा से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए. लोकतंत्र की रक्षा का मतलब किसी व्यक्ति या पदाधिकारी को सवालों से ऊपर रखना नहीं है. संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है.
राकेश सिन्हा ने कहा कि लोकतंत्र किसी राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं है. इसे केवल नारों और राजनीतिक प्रदर्शनों से मजबूत नहीं किया जा सकता. इसके लिए जनता की आवाज सुनना और विपक्ष के सवालों का जवाब देना जरूरी है.
उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी को बताना चाहिए कि उसकी प्राथमिकता जनता के वोट की सुरक्षा है, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा है या ज्ञानेश कुमार को बचाना. उन्होंने कहा कि मताधिकार से जुड़े सवालों का जवाब नारेबाजी से नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और जवाबदेही से दिया जाना चाहिए.
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