New Delhi : तमिलनाडु के थिरुप्परनकुंड्रम (मदुरै) विवाद को लेकर बड़ी खबर आयी है. सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है. SC ने थिरुप्परनकुंड्रम पहाड़ी स्थित दरगाह में रोज़ाना नमाज़ पढ़ने की अनुमति की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है.
सुप्रीम कोर्ट ने यह बात साफ कर दी कि इस दरगाह में हर दिन नमाज़ नहीं पढ़ी जा सकेगी. कोर्ट ने सिर्फ रमजान और बकरीद जैसे विशेष त्योहारों पर ही नमाज अदा करने की इजाजत दी है.
इस मामले में एक प्रैक्टिसिंग मुस्लिम इमाम हुसैन द्वारा याचिका दायर की गयी थी. उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी. जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा, हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने का कोई कारण नजर नहीं आता. इतना ही नहीं,
सुप्रीम कोर्टने रोजाना नमाज की मांग को ठुकराते हुए दरगाह परिसर में पशु बलि पर लगी रोक को भी सही करार दिया.
मदुरै के पास स्थित थिरुप्परनकुंड्रम पहाड़ी भगवान मुरुगन के प्राचीन मंदिर (अरुपदाई वीदु में से एक) के लिए प्रसिद्ध है. इसी पहाड़ी की चोटी पर सिकंदर बादुशा की दरगाह भी है. याचिकाकर्ताओं दरगाह को एक मस्जिद की तरह इस्तेमाल करने और रोज़ाना पांच वक्त की नमाज पढ़ने देने की मांग की थी.
वहां पशु बलि की अनुमति देने की भी मांग की गयी थी. हिंदू संगठन और मंदिर प्रशासन इसका विरोध कर रहे थे. मद्रास हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए निर्णय सुनाया था कि दरगाह में रोज़ाना नमाज़ की परंपरा नहीं है. इसे नयी प्रथा के रूप में शुरू नहीं किया जा सकता.
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