Search

 
 
 

BREAKING : सारंडा मामले में SC से सरकार को राहत, 31468 हेक्टेयर को सेंक्चुअरी घोषित करने की मिली अनुमति

सुप्रीम कोर्ट से सारंडा को सेंक्चुअरी (Sanctuary) घोषित करने के मामले में राज्य सरकार को राहत मिली है. कोर्ट ने 31468.25 हेक्टेयर को घोषित करने की अनुमति दे दी है. साथ ही SAIL और वैध माइनिंग लीज को सेंक्चुअरी के प्रभाव क्षेत्र से मुक्त रखने का आदेश दिया है. वहीं एक सप्ताह के अंदर कोर्ट में इससे संबंधित शपथ पत्र दायर करने को कहा है. मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायाधीश के विनोद चंद्रन ने यह आदेश दिया.
 

Ranchi :  सुप्रीम कोर्ट से सारंडा को सेंक्चुअरी (Sanctuary) घोषित करने के मामले में राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने 31468.25 हेक्टेयर को सेंक्चुअरी घोषित करने की अनुमति दे दी है.

 

वहीं SAIL और वैध माइनिंग लीज को सेंक्चुअरी के प्रभाव क्षेत्र से मुक्त रखने का आदेश दिया है. साथ ही अदालत ने एक सप्ताह के अंदर इससे संबंधित शपथ पत्र कोर्ट में दायर करने को कहा है. मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायाधीश के विनोद चंद्रन ने यह आदेश दिया है.

 

राज्य सरकार का पक्ष

सारंडा मामले पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने NGT द्वारा दिये गये आदेश के मुकाबले क्षेत्रफल में वृद्धि का कारण जानना चाहा. राज्य सरकार की ओर से कपिल सिब्बल ने इसका जवाब देते हुए WII द्वारा भेजे गये जवाब और मैप का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि WII ने अध्ययन कर रिपोर्ट देने के लिए पहले आठ साल का समय मांगा और इस पर तीन करोड़ रुपये का खर्च बताया.

 

इसके बाद WII ने एक मैप भेजा, जिसमें 57519.41 हेक्टेयर को सेंक्चुअरी घोषित करने पर विचार करने का प्रस्ताव दिया गया था. इस प्रस्ताव से संबंधित फाइल DFO के स्तर से होते हुए PCCF तक पहुंची. इस पर सरकार की सहमति नहीं थी. वन सचिव ने इसी प्रस्ताव की जानकारी शपथ पत्र के माध्यम से दी थी.

 

सरकार को NGT के दिशा निर्देश के आलोक में 31468.25 हेक्टेयर को सेंक्चुअरी घोषित करने में कोई आपत्ति नहीं है. इसलिए न्यायालय सरकार को 31468.25 हेक्टेयर को सेंक्चुअरी घोषित करने की अनुमति दे. साथ ही इससे खनन प्रभावित ना हो, इसका आकलन कर 31468.25 को चिह्नित करने की अनुमति दे.

 

सरकार के क्षेत्रफल चिह्नित करने के अनुरोध का विरोध

Amicus Curiae ने क्षेत्रफल चिह्नित करने के अनुरोध का विरोध किया. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से शपथ पत्र दायर कर यह स्वीकार किया जा चुका है कि 31468.25 हेक्टेयर को चिह्नित किया जा चुका है. इसमें 126 कंपार्टमेंट है. इस क्षेत्र में कही भी माइनिंग का काम नहीं हो रहा है. इसलिए सरकार को फिर से चिह्नित करने का समय नहीं दिया जाना चाहिए.

SAIL की दलील-माइनिंग प्रभावित ना हो, इसका ध्यान रखने की अनुमति दें 

न्यायालय ने राज्य सरकार, SAIL, और Amicus Curiae की दलील सुनने के बाद 31468.25 हेक्टेयर को सेंक्चुअरी घोषित करने की अनुमति दी. इस बीच SAIL द्वारा न्यायालय से यह अनुरोध किया गया कि न्यायालय इस बात का ध्यान रखने की अनुमति दे कि सेंक्चुअरी घोषित करने से SAIL का माइनिंग प्रभावित ना हो. क्योंकि सेंक्चुअरी के एक किलोमीटर के बाहर तक माइनिंग प्रतिबंधित रहता है.

 

न्यायालय ने स्टील उत्पादन और SAIL द्वारा राष्ट्रीय महत्व की चीजों में स्टील की आपूर्ति करने के महत्व को ध्यान में रखते हुए यह निर्देश दिया कि सेंक्चुअरी घोषित करने के दौरान SAIL और वैध माइनिंग प्रभावित ना हो, इसका ध्यान रखें. न्यायालय ने राज्य के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने से भी मुक्त कर दिया. वह आज न्यायालय में उपस्थित थे.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही