New Delhi : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की रिमांड को लेकर गुरुवार को दिल्ली के राउज एवेन्यू विशेष अदालत में सुनवाई हुई. ईडी ने सात दिनों के रिमांड की मांग की थी. सुनवाई के बाद अदालत ने केजरीवाल की रिमांड पांच दिन बढ़ा दी है. यानि अब 1 अप्रैल तक केजरीवाल ईडी रिमांड में रहेंगे. इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने अदालत में अपना पक्ष रखा. अरविंद केजरीवाल ने ईडी और भाजपा पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि 100 करोड़ का घोटाला हुआ है, पैसे कहां गए. असली शराब घोटाला तो तब हुआ, जब ईडी ने इसकी जांच शुरु की. केजरीवाल ने कोर्ट के समक्ष इलेक्ट्रॉल बॉण्ड का मामला उठाते हुए कहा कि पैसा भाजपा को गया. भाजपा को सीधे तौर पर 55 करोड़ दिए गए. ईडी की तरफ से अरविंद केजरीवाल के बयान का विरोध किया गया.अदालत ने केजरीवाल से कहा कि वो जो कह रहे हैं, वह लिखित में कहें. केजरीवाल ने यह भी सवाल उठाया कि उनके खिलाफ जो चार बयान पेश किए गए, क्या वो एक सिटिंग सीएम को अरेस्ट करने के लिए काफी हैं. इसे भी पढ़ें - दिल्ली">https://lagatar.in/petition-to-remove-kejriwal-from-the-post-of-cm-rejected-by-delhi-hc/">दिल्ली
HC से केजरीवाल को सीएम पद से हटाने वाली याचिका खारिज, कहा-यह मामला न्यायिक हस्तक्षेप के दायरे से बाहर
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जितने दिन चाहे रिमांड पर रखे लेकिन ईडी के मुताबिक बयान नहीं देंगे - केजरीवाल
ईडी ने अदालत से और सात दिनों के रिमांड की मांग की थी. साथ ही यह भी बताया कि इन सात दिनों में क्या-क्या जानकारी लेनी है. जांच के दौरान जो इलेक्ट्रॉनिक डाटा हासिल किया गया है, उसके बारे में पूछताछ की जानी है. ईडी की तरफ से अदालत को यह भी बताया गया कि अरविंद केजरीवाल जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं. इसपर अरविंद केजरीवाल की तरफ से कहा गया कि वह जांच में सहयोग करने को तैयार हैं. ईडी जितने दिन चाहे रिमांड पर रखे, लेकिन वह ईडी के मुताबिक बयान नहीं देंगे. सुनवाई में हिस्सा लेते हुए अरविंद केजरीवाल ने अदालत को बताया कि ईडी ने अब तक करीब 31000 पन्नों का दस्तावेज कोर्ट के पास रखा है. चार लोगों के बयान उनके खिलाफ हैं. क्या एक सीएम को गिरफ्तार करने के लिए यह काफी है. केजरीवाल ने आगे कहा कि उन्हें गिरफ्तार करने के पीछे ईडी के दो मकसद थे. पहला आम आदमी पार्टी को खत्म करना और दूसरा गुमराह करना. अगर 100 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ, तो पैसे कहां हैं? ईडी की तरफ से कहा गया कि शराब घोटाले में 100 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई थी. इसके पुख्ता सबूत हैं. इसमें से 45 करोड़ रुपया गोवा चुनाव में खर्च किया गया. यह राशि हवाला के जरिए गोवा भेजे गए. इसे भी पढ़ें -आफताब">https://lagatar.in/government-land-records-city-zone-in-hands-aftab-serious-questions-on-role-zone-personnel/">आफताबके हाथों में शहर अंचल के जमीन के सरकारी रिकॉर्ड, अंचल कर्मियों की भूमिका पर गंभीर सवाल [wpse_comments_template]
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