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अनुसूचित जाति समन्वय समिति ने राज्यपाल को सौंपा 7 सूत्री ज्ञापन

प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के तहत बीपीएल वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में निशुल्क नामांकन के लिए आय सीमा 72 हजार से बढ़ाकर 2 लाख किए जाने की मांग की
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  Ranchi :अखिल भारतीय अनुसूचित जाति समन्वय समिति के प्रतिनिधिमंडल ने आज गुरुवार को राजभवन में राज्यपाल को 7 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा. समिति ने झारखंड में अनुसूचित जाति समाज की उपेक्षित समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुए समाधान की मांग की.  

 

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और नागपुरी लोक संगीत को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने के लिए कलाकारों को आर्थिक सहायता और सरकारी मान्यता प्रदान की जाये, ताकि यह लोक परंपरा विलुप्त न हो.

 

समिति ने कहा कि वर्षों से खाली पड़े अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति अविलंब की जाये, जिससे समाज को संवैधानिक अधिकारों के तहत न्याय मिल सके.

 

प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के तहत बीपीएल वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में निशुल्क नामांकन के लिए आय सीमा 72 हजार से बढ़ाकर 2 लाख किए जाने की मांग की,  ताकि अधिक से अधिक वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके.

 

ज्ञापन में यह भी मांग की गयी है कि राज्य में अनुसूचित जाति परामर्श परिषद का गठन हो, जिससे समाज की समस्याओं पर परामर्श के साथ नीतिगत निर्णय लिए जा सकें.

 

प्रतिनिधिमंडल ने एकलव्य मॉडल विद्यालयों की तर्ज पर अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों में आवासीय विद्यालयों के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया. जिससे समाज के बच्चों को बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधा उपलब्ध हो सके.

 

इसके साथ ही भूमिहीन अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों को सरल प्रक्रिया के तहत जाति, आवास व अन्य प्रमाण पत्र निर्गत किए जाने की मांग की गयी. प्रतिनिधिमंडल में उपेन्द्र रजक ,संतोष कुमार रजक, टिंकू राम, गोविंदा वाल्मीकि, राजू राम, मुकेश नायक, कारण नायक समेत अन्य शामिल थे.

 

 

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