- गढ़वा में सबसे अधिक किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन, आवेदन देने में गिरिडीह के किसान सबसे आगे
नियमावली में विसंगतियां, बाहर पढ़ने वाले सामान्य जाति के लोगों को भी मिले नियोजन का लाभ
धान और मक्का फसल को लेकर विभाग और किसान सबसे ज्यादा चिंतित
मानसून की स्थिति को देखते हुए धान और मक्का की फसल को लेकर विभाग और किसान सबसे ज्यादा चिंतित हैं. कृषि विभाग के मुताबिक, झारखंड राज्य फसल राहत योजना के तहत अब तक 7 लाख 28 हजार 888 किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है, जबकि आवेदन देने वाले किसानों की संख्या 2 लाख 57 हजार 862 ही है. यह आंकड़ा 16 अगस्त 2022 तक का है. रजिस्ट्रेशन कराने और आवेदन देने के मामले में सबसे खराब स्थिति साहेबगंज की है. वहीं, योजना के तहत रजिस्ट्रेशन कराने में गढ़वा जबकि आवेदन देने में गिरिडीह के किसान सबसे आगे हैं. इसे भी पढ़ें – झारखंड">https://lagatar.in/first-flyover-will-be-ready-with-steam-cable-in-jharkhand-main-road-will-be-jam-free-in-20-months/">झारखंडमें स्टीम केबल से तैयार होगा पहला फ्लाईओवर, 20 माह में मेन रोड होगा जाम मुक्त
जिला रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसान आवेदन देने वाले किसान
जिला रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसान आवेदन देने वाले किसान गढ़वा 1,07531 32,307 गुमला 82,173 38,187 गिरिडीह 73,727 42,461 गोड्डा 63,712 10,917 देवघर 52,546 21,348 दुमका 38,755 1165 सिमडेगा 32823 4136 रांची 28311 14040 सरायकेला-खरसांवा 27974 3089 लातेहार 26233 3559 जामताड़ा 26155 8015 पाकुड़ 25313 11675 खूंटी 20969 4560 बोकारो 19942 10481 चतरा 19399 8740 कोडरमा 17311 7204 पलामू 12908 5425 लोहरदगा 12668 3729 रामगढ़ 11048 4348 धनबाद 8553 3250 हजारीबाग 8346 4349 पूर्वी सिहंभूम 5984 3391 पश्चिम सिहंभूम 4132 1101 साहेबगंज 2375 616धान और मक्का फसल की क्षति होने पर मिलता है मुआवजा
झारखंड राज्य फसल राहत योजना के तहत सरकार ने धान तथा मक्का के फसल की क्षति होने पर क्षतिपूर्ति राशि देने का निर्णय लिया है. इसमें 30 से 50 प्रतिशत प्रति एकड़ फसल क्षति होने पर 3,000 रुपये तथा 50 प्रतिशत से अधिक फसल नष्ट होने पर 4,000 रुपये देने का निर्णय लिया है. लाभ लेने के लिए किसानों को प्रति एकड़ 0.1 से 5 एकड़ भूमि का होना जरूरी होता है.झारखंड राज्य फसल राहत योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया
पहला - किसानों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा. दूसरा - रजिस्ट्रेशन के बाद जमीन के कागजात के साथ आवेदन देना होगा. तीसरा – किसानों द्वारा दिए आवेदन की समीक्षा होगी. चौथा - फसल बर्बादी का आकलन पंचायत स्तर पर करने का निर्णय इसे भी पढ़ें – रांची:">https://lagatar.in/ranchi-municipal-corporations-open-pole-due-to-rain-for-a-few-hours-problems-due-to-water-logging/">रांची:कुछ घंटो की बारिश से नगर निगम की खुली पोल, जल जमाव से परेशानी [wpse_comments_template]

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