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Saraikela News: 25 करोड़ का अस्पताल तैयार, फिर भी मरीज बदहाल भवन में इलाज को मजबूर

चांडिल अनुमंडल के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से गांगुडीह में 100 बेड का आधुनिक अस्पताल बनाया गया है.
 

Seraikela : चांडिल अनुमंडल के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से गांगुडीह में 100 बेड का आधुनिक अस्पताल बनाया गया है. भवन पूरी तरह तैयार है, मशीनें लग चुकी हैं. डॉक्टरों-स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आवास भी बन गए हैं. इसके बावजूद अस्पताल अब तक शुरू नहीं हो पाया है. नतीजतन मरीजों का इलाज आज भी डैम रोड स्थित पुराने और जर्जर भवन में किया जा रहा है.

 

वर्तमान में जिस भवन में अनुमंडल अस्पताल संचालित हो रहा है, वह पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र था. उसी छोटे भवन को अनुमंडल अस्पताल का दर्जा दे दिया गया, लेकिन सुविधाओं का विस्तार नहीं हो सका. अस्पताल में जरूरत के अनुसार बेड उपलब्ध नहीं हैं. मुख्य द्वार पर अस्पताल का नाम तक स्पष्ट रूप से नहीं लिखा गया है. जिससे बाहर से आने वाले लोगों को पहचानने में परेशानी होती है.

 

अस्पताल परिसर में पीने के पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं है. लाखों रुपये की लागत से लगी एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और लैब मशीनें होने के बावजूद उनकी नियमित सेवा मरीजों को नहीं मिल पाती. सोलर सिस्टम वर्षों से खराब पड़ा है, जबकि हाईमास्ट लाइटें भी बदहाल स्थिति में हैं.

 

परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है. प्रतीक्षालय के पास खुले में रखे वैक्सीन कैरियर, जमा बारिश का पानी और बिखरा कचरा संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ा रहे हैं.चिकित्सकों और एम्बुलेंस की भी भारी कमी है. अस्पताल में 11 डॉक्टरों की आवश्यकता के मुकाबले केवल तीन डॉक्टर और एक मेडिकल ऑफिसर कार्यरत हैं. छह   एंबुलेंस की जरूरत के बीच केवल एक एंबुलेंस ही चालू हालत में है. ऐसे में आपातकालीन मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता.

 

नए अस्पताल के निर्माण की कहानी भी लंबी रही है. वर्ष 2008 में तत्कालीन विधायक सुधीर महतो ने 6.10 करोड़ रुपये की लागत से इसका शिलान्यास किया था. बाद में बजट की कमी के कारण काम रुक गया. वर्ष 2019 में मरम्मत और निर्माण के लिए फिर से पहल हुई, लेकिन काम अधूरा रह गया. इसके बाद 6 दिसंबर 2023 को विधायक सविता महतो ने करीब 17 करोड़ रुपये की लागत से दोबारा शिलान्यास किया. कई चरणों के बाद अब अस्पताल भवन पूरी तरह तैयार है, लेकिन मरीजों के लिए इसके दरवाजे अब तक नहीं खुले हैं.

 

गांगुडीह स्थित नए अस्पताल में 100 बेड, ऑपरेशन थिएटर, लेबर रूम, आधुनिक लैब, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं. इसके बावजूद इलाज पुराने भवन में ही चल रहा है.चांडिल अनुमंडल से होकर राष्ट्रीय राजमार्ग-32 का लगभग 25 किलोमीटर और राष्ट्रीय राजमार्ग-33 का करीब 55 किलोमीटर हिस्सा गुजरता है. सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति में गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल रेफर करना पड़ता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नया अस्पताल शुरू हो जाए तो कई मरीजों की जान बचाई जा सकती है.

 

इस संबंध में सिविल सर्जन ने बताया कि भवन निर्माण विभाग द्वारा अस्पताल भवन स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया है. संभावना है कि जून महीने के भीतर नए अनुमंडल अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा.स्थानीय लोगों की मांग है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने अस्पताल को जल्द से जल्द शुरू किया जाए ताकि चांडिल, नीमडीह, ईचागढ़ और कुकड़ू क्षेत्र के लाखों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके.

 

 

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