Seraikela (Bhagya sagar singh) : सरायकेला गुंडिचा मंदिर (मौसी बाड़ी) मेला क्षेत्र में विशेष कर महिलाओं की सुविधा के लिए चलंत शौचालय की व्यवस्था करने की बात एक प्रेस वार्ता में कही गयी थी. यह बात नगर पंचायत के उपाध्यक्ष व मेला समिति के अध्यक्ष मनोज चौधरी द्वारा मेला शुरू होने से पहले ही की गई थी. लेकिन मेला शुरू होने के बाद भी यह सुविधा आमजनों के लिये बहाल नहीं की गयी है. विदित हो कि नगर पंचायत का चलंत शौचालय नगर पंचायत कार्यालय के सामने सड़क किनारे केवल सजावट की वस्तु बन कर खड़ा है. इसे भी पढ़े : सरायकेला">https://lagatar.in/seraikela-on-the-basis-of-final-survey-settlement-we-will-fight-to-implement-the-local-policy-ravindra-mandal/">सरायकेला
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alt="" width="600" height="316" /> मंदिर परिसर पर व्रती महिलाओं की भीड़.[/caption] गुंडिचा मंदिर में हजारों की संख्या में व्रती महिलाओं की उपस्थिति रहती है. मंगलवार को भी महिलाएं विपदतारणी व्रत रख पूजा व प्रभु दर्शन को सरायकेला शहरी सहित दूर दराज गांव से पूजा-अर्चना करने आई हैं. मंदिर से मुख्य सड़क तक महिलाओं की लंबी कतार लगी है. वहीं, भीड़ को नियंत्रण करने के लिए महिला पुलिस कर्तव्य निर्वहन कर रही हैं. ऐसे में मंदिर के अगल-बगल शौचालय की व्यवस्था नहीं है. शहर के निरन्तर होते विस्तार व अतिक्रमण के कारण भी पूर्व की तरह अब उक्त क्षेत्र में एकांत और खाली मैदान व तालाब नहीं भी रहे, जो विशेष आवश्यकता के अवसर पर वैकल्पिक शौचालय की कमी को पूरा कर सके. इसे भी पढ़े : सरायकेला">https://lagatar.in/seraikela-vegetable-vendors-upset-due-to-stray-animals-and-changing-weather/">सरायकेला
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गुंडिचा मंदिर क्षेत्र में हजारों की संख्या में है व्रती महिलाओं की उपस्थिति
[caption id="attachment_348844" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="316" /> मंदिर परिसर पर व्रती महिलाओं की भीड़.[/caption] गुंडिचा मंदिर में हजारों की संख्या में व्रती महिलाओं की उपस्थिति रहती है. मंगलवार को भी महिलाएं विपदतारणी व्रत रख पूजा व प्रभु दर्शन को सरायकेला शहरी सहित दूर दराज गांव से पूजा-अर्चना करने आई हैं. मंदिर से मुख्य सड़क तक महिलाओं की लंबी कतार लगी है. वहीं, भीड़ को नियंत्रण करने के लिए महिला पुलिस कर्तव्य निर्वहन कर रही हैं. ऐसे में मंदिर के अगल-बगल शौचालय की व्यवस्था नहीं है. शहर के निरन्तर होते विस्तार व अतिक्रमण के कारण भी पूर्व की तरह अब उक्त क्षेत्र में एकांत और खाली मैदान व तालाब नहीं भी रहे, जो विशेष आवश्यकता के अवसर पर वैकल्पिक शौचालय की कमी को पूरा कर सके. इसे भी पढ़े : सरायकेला">https://lagatar.in/seraikela-vegetable-vendors-upset-due-to-stray-animals-and-changing-weather/">सरायकेला
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