Search

 
 
 

हजारीबाग DFO पर गंभीर आरोप, शंभूलाल यादव ने स्वतंत्र जांच की मांग की

Hazaribagh News : शंभूलाल यादव ने आरोप लगाया है कि वन सचिव के निर्देश पर डीएफओ को संरक्षण देने का प्रयास हो रहा है. उन्होंने विभागीय पत्रांक 3109 को भी सवालों के घेरे में रखा है. यादव के अनुसार, इस पत्र के जरिए मामले को बिना स्वतंत्र जांच के समाप्त करने की कोशिश की गयी है.
 
हजारीबाग डीएफओ

Hazaribagh News :  हजारीबाग पश्चिमी वन प्रमंडल के डीएफओ मौन प्रकाश को लेकर विवाद बढ़ गया है. झामुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष शंभूलाल यादव ने उनके खिलाफ विभाग में आपत्ति दर्ज करायी है और स्वतंत्र जांच की मांग है. झामुमो नेता ने 11 सितंबर 2026 को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अवर सचिव को आपत्ति पत्र सौंपा है.

 

Uploaded Image

विभाग के अवर सचिव को आपत्ति पत्र सौंपा


शंभूलाल यादव ने आरोप लगाया है कि वन सचिव के निर्देश पर डीएफओ को संरक्षण देने का प्रयास हो रहा है. उन्होंने विभागीय पत्रांक 3109 को भी सवालों के घेरे में रखा है. यादव के अनुसार, इस पत्र के जरिए मामले को बिना स्वतंत्र जांच के समाप्त करने की कोशिश की गयी है.

 

उन्होंने बताया कि 30 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री सचिवालय में डीएफओ के खिलाफ शिकायत दी थी. शिकायत में वित्तीय अनियमितता, पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे. विभाग ने बाद में शपथपत्र मांगा था. यादव ने 29 जून 2026 को अपना शपथपत्र जमा कर दिया.

 

यादव का कहना है कि शिकायत के बाद विभागीय स्तर पर कई पत्र जारी हुए. पहले उनसे मामले से संबंधित जानकारी और साक्ष्य देने को कहा गया. इसके बाद 4 अगस्त 2026 के पत्र में साक्ष्य की कमी का हवाला दिया गया. इसी पर उन्होंने विभाग की कार्रवाई पर आपत्ति जतायी है.

 

इसे भी पढ़ें

पार्क निर्माण में भी गड़बड़ी का आरोप

शंभूलाल यादव ने वन विभाग के पार्क निर्माण कार्य में भी अनियमितता का आरोप लगाया है. उनका दावा है कि निर्माण में तकनीकी मानकों का पालन नहीं हुआ. घटिया सामग्री के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है. उन्होंने 14 जुलाई और 9 सितंबर के निरीक्षण से जुड़े जिओ-टैग फोटो भी प्रत्यावेदन के साथ लगाए हैं.

 

यादव ने मजदूरों को तय न्यूनतम मजदूरी नहीं देने का आरोप भी लगाया है. यादव का आरोप है कि योजना का काम पूरा किए बिना ही सरकारी राशि की निकासी कर ली गयी.  शिकायत सामने आने के बाद अनियमितताओं को छिपाने के लिए दिखावटी काम कराने का भी उन्होंने दावा किया है.

 

निष्पक्ष समिति बनाने की मांग

झामुमो नेता ने पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र और वरिष्ठ अधिकारी से कराने की मांग की है. उन्होंने उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने की मांग रखी है. उनका कहना है कि शिकायतकर्ता को साक्ष्य और गवाह पेश करने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए. जांच की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए. यादव ने विभागीय पत्रांक 3109 को निरस्त करने की भी मांग की है.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही