Jamtara: जामताड़ा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह के निर्देश पर साइबर थाना की टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के सियाटांड़ मटटांड़ और जामताड़ा थाना क्षेत्र के पोसोई गांव में छापेमारी कर इन आरोपियों को पकड़ा. इनके कब्जे से 27 मोबाइल फोन और 39 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं.
इस कार्रवाई का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल अमृत रुईदास (24) मूल रूप से पश्चिम बंगाल के कुल्टी थाना क्षेत्र के दासपाड़ा बराकर का रहने वाला है. पुलिस के अनुसार, अमृत अपने ससुराल पोसोई में रहकर वकालत (एलएलबी) की पढ़ाई कर रहा था. इसी बीच उसका संपर्क साइबर गिरोह से हो गया. जिसके बाद वो साइबर ठगी के गिरोह का हिस्सा बन गया.
ऐसे करते थे साइबर ठगी
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी लोगों के मोबाइल पर कैशबैक का झांसा देकर मैसेज भेजते थे. लिंक स्वीकार करते ही पीड़ित के खाते से रकम निकाल ली जाती थी. इसके अलावा आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर एटीएम नंबर, सीवीवी और ओटीपी हासिल कर ई-वॉलेट और बैंक खातों के माध्यम से ठगी करते थे.
पहले से भी दर्ज हैं मामले
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मुजाहिद अंसारी के खिलाफ साइबर थाना जामताड़ा में पहले से कांड संख्या 44/24 तथा सलामत अंसारी के खिलाफ कांड संख्या 59/20 दर्ज है.
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने मुजाहिद अंसारी, सलामत अंसारी, सनवर अंसारी, ताबिर अंसारी, सरफराज अंसारी, रोकी कुमार दास, अर्जुन दास, सचिन दास और अमृत रुईदास को गिरफ्तार किया है.
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. जामताड़ा पुलिस का कहना है कि जिले में साइबर अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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