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NTPC को HC से झटका, भूमि मुआवजा 15,783 रुपये प्रति डिसमिल तय

हजारीबाग में एनटीपीसी के लिए हुए भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले में 118 प्रथम अपीलों (First Appeals) पर झारखंड हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की कोर्ट ने मामले में NTPC की अपीलें (मुआवजा कम करने की मांग) खारिज कर दिया. वहीं भूमि मालिकों की अपीलें (मुआवजा बढ़ाने का आग्रह) को स्वीकार कर लिया.
 
  • NTPC की अपीलें खारिज, भूमि मालिकों की अपीलें स्वीकार
  • ट्रायल कोर्ट ने न्यायहित में कम कर किया था 11,000 रुपये प्रति डिसमिल

Ranchi: हजारीबाग में एनटीपीसी के लिए हुए भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले में 118 प्रथम अपीलों (First Appeals) पर झारखंड हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की कोर्ट ने मामले में NTPC की अपीलें (मुआवजा कम करने की मांग) खारिज कर दिया. वहीं भूमि मालिकों की अपीलें (मुआवजा बढ़ाने का आग्रह) को स्वीकार कर लिया.

 

हाईकोर्ट ने भूमि मुआवजा राशि 11,000 रूपये प्रति डिसमिल के बदले भूमि मुआवजा का नया रेट 15,783 प्रति डिसमिल तय किया. सभी वैधानिक लाभ (statutory benefits) भी मिलेंगे. कोर्ट फीस की वसूली और जमा करने का निर्देश दिया गया. दरअसल, दोनों पक्ष (NTPC और भूमि मालिक) भूमि मुआवजा के विषय पर असंतुष्ट होकर हाईकोर्ट पहुंचे थे.

 

ट्रायल कोर्ट द्वारा मनमाने तरीके से मुआवजा कम करना गलत 

हाईकोर्ट ने पाया था कि ट्रायल कोर्ट ने मुआवजा के संबंध में औसत निकाला था, जो 15,372 रुपया प्रति डिसमिल आया था. लेकिन ट्रायल कोर्ट में न्यायहित में इसे कम कर 11,000 रुपए प्रति डिसमिल कर दिया था.  हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मुआवजा वास्तविक बाजार मूल्य के करीब होना चाहिए. ट्रायल कोर्ट द्वारा मनमाने तरीके से कम किया गया मुआवजा गलत था. 

 

क्या है मामला

यह मामला भूमि अधिग्रहण से संबंधित है, जिसमें गांव तरहेसा, जिला हजारीबाग की लगभग 84.80 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई थी. अधिग्रहण भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता अधिनियम, 2013 के तहत NTPC Limited के लिए हुआ था.

 

मुआवजा विवाद

हजारीबाग जिला भूमि अधिग्रहण पदाधिकारी (DLAO) ने मुआवजा 4,823 रुपए प्रति डिसमिल तय किया था. ट्रायल कोर्ट ने इसे बढ़ाकर 11,000 रुपया प्रति डिसमिल किया था. ट्रायल कोर्ट ने 16 रजिस्ट्री (sale deeds) पर विचार किया.

 

नियम के अनुसार (Section 26), आधे (8) उच्च मूल्य वाले दस्तावेजों का औसत निकाला गया. जो 15,372 रुपया प्रति डिसमिल तय आया था. लेकिन ट्रायल कोर्ट ने “न्यायहित” में इसे घटाकर 11,000 रुपए प्रति डिसमिल कर दिया था.

 

क्या कहा हाई कोर्ट ने 

हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने सही तरीके से औसत निकाला, लेकिन बिना उचित कारण उसे कम कर 11,000 रूपये प्रति डिसमिल कर दिया. इसलिए हाईकोर्ट ने पुनः गणना कर अंतिम मुआवजा 15,783 रुपया प्रति डिसमिल तय किया है.

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