New Delhi : लोकसभा में आज शुक्रवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने महिला आरक्षण बिल पर मोदी सरकार को घेरा. कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि सरकार न्याय का उपहार नारी शक्ति अधिनियम लेकर आयी है, लेकिन उन्होंने इस बिल को कंटीले तारों में लपेट दिया है.
VIDEO | Addressing the Lok Sabha on Women's Reservation Bill, Congress leader Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) says, "Today, we stand at a threshold where there is remarkably a near unanimous political consensus in favour of women's reservation. Every major party in this house… pic.twitter.com/jJeaTujZNu
— Press Trust of India (@PTI_News) April 17, 2026
शशि थरूर ने कहा कि महिला आरक्षण के कार्यान्वयन को 2011 की जनगणना की संख्या और परिसीमन की कवायद से जोड़ दिया है, यह गलत है. महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना भारतीय महिलाओं की आकांक्षाओं को बंधक बनाना है.
थरूर ने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण के पक्ष में है और इसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए, लेकिन इसके लिए परिसीमन की शर्त लगाना गलत है. उन्होंने सरकार की इस प्रक्रिया की तुलना 2016 की नोटबंदी से की.
कांग्रेस सांसद ने कहा कि परिसीमन को जल्दबाजी में लागू करना राजनीतिक नोटबंदी साबित होगा. थरूर ने कहा कि अगर सरकार चाहे तो बिना परिसीमन के महिला आरक्षण को अभी लागू कर सकती है और कांग्रेस इसका समर्थन करेगी.
उन्होंने कहा कि आज हम उस दहलीज पर खड़े हैं जहां महिला आरक्षण के पक्ष में उल्लेखनीय रूप से लगभग सर्वसम्मत राजनीतिक सहमति है. इस सदन की सभी प्रमुख पार्टी यह मानती है कि प्रतीकात्मकता का समय समाप्त हो गया है और समान भागीदारी का युग शुरू होना चाहिए. यह सच होते हुए भी मैं इस विधायी प्रक्रिया से खुद को परेशान महसूस कर रहा हूं.
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