- बृजेश गंझू के मारे जाने के बाद बना संगठन का सुप्रीमो
- AK-47 और पिस्टल लेकर चलता है शशिकांत गंझू
- 2021 के बाद 12 से अधिक बार पुलिस से मुठभेड़
- 50 से अधिक नक्सली हमलों का आरोपी
- टीएसपीसी में बढ़ी जिम्मेदारी
Palamu News: टीएसपीसी सुप्रीमो बृजेश गंझू के मारे जाने के बाद संगठन के 10 लाख रुपये के इनामी नक्सली शशिकांत गंझू को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है. खुफिया सूचना के अनुसार, करमा पूजा से एक दिन पहले शशिकांत गंझू अपने दो साथियों के साथ पलामू और चतरा के जंगलों में सक्रिय है. आशंका जताई गई है कि वह करमा पूजा के दौरान अपने गांव भी पहुंच सकता है. इसे लेकर पलामू और चतरा के एसपी को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.
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सुरक्षा एजेंसी के अलर्ट के मुताबिक, शशिकांत गंझू अपने दो नक्सली साथियों के साथ पलामू के मनातू और तरहसी थाना क्षेत्र के अलावा चतरा सीमा से सटे जंगलों में सक्रिय है. सूचना के बाद दोनों जिलों की पुलिस को अलर्ट करते हुए जंगल और सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है. मनातू और तरहसी के जंगलों के साथ पलामू-चतरा सीमा पर सुरक्षा बलों की गतिविधियां भी बढ़ाई गई हैं. पुलिस को लगातार सर्च अभियान चलाने और संभावित नक्सली गतिविधियों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है.
करीब एक साल पहले भी शशिकांत गंझू के अपने दस्ते के साथ गांव आने की सूचना मिली थी. उस समय तत्कालीन अभियान एसपी राकेश सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मनातू थाना क्षेत्र के श्रीकेदाल जंगल पहुंची थी. सर्च अभियान के दौरान शशिकांत गंझू और मुखदेव यादव ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी. गोली तत्कालीन अभियान एसपी राकेश सिंह की कनपटी के पास से गुजर गई थी. मुठभेड़ में पलामू पुलिस के जवान सुनील राम और संतन मेहता शहीद हो गए थे, जबकि जिला पुलिस बल के जवान रोहित कुमार गंभीर रूप से घायल हुए थे.
शशिकांत गंझू पहले माओवादी संगठन का कैडर था. बाद में वह टीएसपीसी में शामिल हुआ और प्लाटून कमांडर से एरिया कमांडर और फिर जोनल कमांडर बना. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह अपने साथ एके-47 और पिस्टल रखता है और चार से पांच कैडरों के साथ चलता है. पलामू-चतरा सीमा पर वह पिछले करीब दो दशक से सक्रिय बताया जाता है. मनातू, पांकी, पिपराटांड़, तरहसी और नावाजयपुर के अलावा चतरा के लावालौंग, प्रतापपुर और कुंदा इलाके में उसकी गतिविधियां रही हैं.
टीएसपीसी के एरिया कमेटी सदस्य आक्रमण गंझू की गिरफ्तारी के बाद संगठन में शशिकांत गंझू की जिम्मेदारी बढ़ने की बात सामने आई है. बताया जाता है कि पहले लेवी की रकम आक्रमण के पास जमा होती थी. उसकी गिरफ्तारी के बाद लेवी की रकम शशिकांत तक पहुंचने की सूचना है. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, फिलहाल वह संगठन में बड़ी भूमिका निभा रहा है.
बताया जाता है कि वर्ष 2021 के बाद से शशिकांत गंझू के दस्ते के साथ पलामू और चतरा पुलिस की 12 से अधिक बार मुठभेड़ हो चुकी है. बुधवार को भी पलामू पुलिस के साथ उसके दस्ते की मुठभेड़ हुई, जिसमें दो पुलिस जवान शहीद हुए, जबकि एक जवान घायल हुआ है. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने शशिकांत की गतिविधियों को लेकर निगरानी और बढ़ा दी है.
शशिकांत गंझू पर झारखंड के अलग-अलग इलाकों में 50 से अधिक नक्सली हमलों में शामिल होने का आरोप है. दो वर्ष पहले चतरा में अफीम की खेती नष्ट करने के दौरान पुलिस टीम पर हुए हमले में भी उसका नाम सामने आया था. इसके अलावा पुलिस पर 12 से अधिक हमलों में शामिल होने का आरोप भी शशिकांत पर है. बृजेश गंझू के मारे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां शशिकांत की गतिविधियों पर विशेष नजर रख रही हैं.
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