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सामाजिक संघर्षों व अलग राज्य आंदोलन के साथ 'गुरुजी' बने शिबू सोरेन : बाबूलाल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- शोषण और अन्याय के खिलाफ संघर्ष ने बनाया उन्हें जननायक

 

Ranchi : दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गहरी संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन का जीवन सामाजिक न्याय, संघर्ष और अलग राज्य आंदोलन की मिसाल है. ईश्वर से प्रार्थना करते हुए श्री मरांडी ने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की.

 

श्री मरांडी ने कहा कि पिता की हत्या के बाद महाजनी प्रथा के विरुद्ध संघर्ष करते हुए एक जुझारू योद्धा के रूप में शिबू सोरेन का उदय हुआ. उन्होंने शराबबंदी के लिए भी ग्रामीण अभियानों के जरिए जन-जागरूकता फैलाई. समाज की कुरीतियों के खिलाफ उनके प्रयासों ने उन्हें जनता के बीच ‘गुरुजी’ के रूप में स्थापित किया.

 

उन्होंने कहा कि अलग झारखंड राज्य की स्थापना में शिबू सोरेन का योगदान ऐतिहासिक और अविस्मरणीय है. उन्होंने आंदोलन को दिशा दी और उसे मुकाम तक पहुंचाया. गुरुजी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना के प्रतीक थे, राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को लोकतंत्र का अंग बताते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि उनकी गुरुजी से राजनीतिक लड़ाई वैचारिक थी, और यह लोकतंत्र की ताकत को दर्शाता है.

 

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने हमेशा गुरुजी को सम्मान दिया और पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के शिबू सोरेन के प्रति सम्मान को भी उन्होंने याद किया. मरांडी ने स्पष्ट किया कि शोषण, अन्याय और अत्याचार के खिलाफ जो लंबा संघर्ष गुरुजी ने किया, वही उन्हें अमर बना गया. उनकी संघर्ष यात्रा आज भी प्रेरणास्रोत है.

 

 

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