Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में कृषि, पशुपालन और सहकारिता विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा हुई. कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने विभाग का पूरा लेखा जोखा सदन में रखा और विपक्ष के सवालों का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए काम कर रही है.
मंत्री ने बताया कि विभाग ने अब तक राज्य मद का 65 प्रतिशत और केंद्र से मिले बजट का 67 प्रतिशत खर्च किया है. मार्च तक यह खर्च 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है. मिलेट मिशन के तहत 21 हजार 800 किसानों को करीब 10 करोड़ रुपये डीबीटी से दिए गए हैं. दो साल में मड़ुआ का रकबा 20 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 1 लाख हेक्टेयर हो गया है.
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एमएसपी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशें लागू नहीं की गईं. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर राज्य बोनस बढ़ाए तो क्या एफसीआई धान खरीदेगा.
सिंचाई के तहत 8 हजार हेक्टेयर में सुविधा दी गई और 4 हजार से अधिक सोलर पंप लगाए गए. दुग्ध संग्रह 400 लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 3 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है. मत्स्य उत्पादन 3 लाख मीट्रिक टन पहुंचा और देसी मांगुर को राज्य मछली घोषित किया गया. बेकन फैक्ट्री को फिर से शुरू करने के लिए आईसीएआर आईएमआर से समझौता हुआ है. करंज बीज से सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल पर काम चल रहा है. अगले साल महिला किसान खुशहाली योजना, हर विधानसभा में कोल्ड स्टोरेज, दलहन मिशन और मखाना विकास योजना शुरू की जाएगी.
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