Ranchi: 15 मार्च को रांची में आयोजित होने वाले “क्षत्रिय एकता गौरव समागम” में शामिल होने के लिए बिहार के शिवहर से सांसद लवली आनंद आज दोपहर रांची पहुंचीं. उनके बेटे अंशुमन मोहन भी साथ मौजूद थे.
हवाई अड्डे पर क्षत्रिय महासभा और फ्रेंड्स ऑफ आनंद के कार्यकर्ताओं ने गगनभेदी नारों और फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया. स्वागत करने वालों में फ्रेंड्स ऑफ आनंद के वरिष्ठ नेता गोपाल सिंह, विभय सिंह ‘शाहदेव’, रमेश सिंह, पप्पू सिंह, गुड्डू सिंह, प्रशांत सिंह, गौरव सिंह, कुणाल शाहदेव, मिहिर शाहदेव, चिंतामणि शाहदेव, विनोद सिंह सहित कई कार्यकर्ता शामिल थे. वहीं नीतू सिंह, सविता सिंह और शोभा देवी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी अतिथियों का स्वागत किया.

इसके बाद लवली आनंद ने शहीद विश्वनाथ शाहदेव की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि कभी झारखंड की राजनीति में हर पार्टी में राजपूत समाज का दबदबा हुआ करता था, लेकिन आज यह समाज हाशिए पर पहुंच गया है.
उन्होंने कहा कि पहले बीजेपी से चतरा और धनबाद से दो-दो राजपूत सांसद हुआ करते थे, लेकिन अब एक भी टिकट देना उचित नहीं समझा गया. उन्होंने इसे समाज के लिए खेदजनक स्थिति बताते हुए कहा कि अब समाज को अपनी आवाज उठाने के लिए दूसरे राज्यों के सांसदों का सहारा लेना पड़ रहा है.
सांसद लवली आनंद ने कहा कि “हम यहां नफरत फैलाने नहीं, बल्कि अपनी एकता और अधिकारों की बात करने के लिए एकत्र हो रहे हैं.” उन्होंने बताया कि कल होने वाले क्षत्रिय एकता गौरव समागम में समाज के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी.
वहीं यूजीसी बिल विवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में उनके पुत्र अंशुमन मोहन ने कहा कि वे यूजीसी बिल की वापसी नहीं, बल्कि इसमें संशोधन चाहते हैं. उन्होंने कहा कि बिल में ऐसे ठोस प्रावधान होने चाहिए. जिससे इसका दुरुपयोग न हो सके और कोई निर्दोष व्यक्ति गलत तरीके से दंडित न हो.
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