Washindton : यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर चौंकाने वाली खबर आयी है. खबर यह है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की चाहत थी कि भारत यूक्रेन की मदद के लिए अपने सैनिक वहां भेजे. लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस विचार को हंसकर दरकिनार कर दिया था.
नामचीन पत्रकारों मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान द्वारा लिखी नयी किताब रिजीम चेंज में यह दावा किया गया है. रिजीम चेंज के कुछ पेज सामने आये हैं. उसके अनुसार यूक्रेन में शांति सैनिक भेजने को लेकर अमेरिका में एक बैठक चल रही थी.
बैठक में फ्रांस, ब्रिटेन और नीदरलैंड आदि NATO) देशों के सैनिक भेजे जाने का प्रस्ताव आया. इस प्रस्ताव पर जेडी वेंस ने चिंता व्यक्त की. रिजीम चेंज के अनुसार जेडी वेंस का मानना था कि नाटो सैनिकों को यूक्रेन भेजे जाने से रूस भड़क सकता है.
ऐसे में संभव है कि अमेरिका सीधे युद्ध में फंस जाये. इस कआम में जेडी वेंस ने सुझाव दिया कि हम गैर-यूरोपीय देशों से मदद लें. वेंस ने सऊदी अरब और भारत का नाम सुझाया
मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान ने लिखा है कि जेडी वेंस का सुझाव सुनते ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हंस पड़े थे. तंज कसा कि 'भारतीय ऐसा कभी नहीं करेंगे. वो इस तरह की किसी चीज के लिए अपनी जेब ढिली नहीं करने वाले
लेखकों ने दावा किया है कि ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी का भी जिक्र किया, कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उन्हें बहुत पसंद करते हैं और वो मुझसे मिलने आना चाहते थे ट्रंप के अनुसार अगर ब्रिटिश या फ्रांसीसी सैनिक यूक्रेन भेजे जाते हैं, तो उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी. ट्रंप सिर्फ यह चाहते थे कि अमेरिका सीधे तौर पर इसमें शामिल न हो.
बैठक में ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को भी निशाने पर लिया. . ट्रंप ने जेलेंस्की को एक वाहियात वार्ताकार करार दिया कहा था कि जेलेंस्की ने सही ढंग से बातचीत न कर अपने देश को पूरी तरह से बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया.
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