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सिल्ली थाना प्रभारी पर बालू माफियाओं के साथ मिलकर 300 आंदोलनकारियों को हिरासत में लेने का आरोप

मुख्यमंत्री आवास घेराव करने पहुंचे झारखंड आंदोलनकारियों ने रांची पुलिस और सिली थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. आंदोलनकारी नेताओं ने दावा किया है कि प्रशासन ने लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने के लिए राज्यभर से आए सैकड़ों कार्यकर्ताओं को रास्ते में ही रोक दिया और कई जगहों पर हिरासत में ले लिया.
 
  • 300 आंदोलनकारी को हिरासत में लेकर प्रताड़ित करने का आरोप
  • हाईकोर्ट और राज्यपाल से स्वत: संज्ञान लेने की मांग

Ranchi :  मुख्यमंत्री आवास घेराव करने पहुंचे झारखंड आंदोलनकारियों ने रांची पुलिस और सिली थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. आंदोलनकारी नेताओं ने दावा किया है कि प्रशासन ने लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने के लिए राज्यभर से आए सैकड़ों कार्यकर्ताओं को रास्ते में ही रोक दिया और कई जगहों पर हिरासत में ले लिया.

 

आंदोलनकारियों का आरोप है कि करीब 300 समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में रखा है और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है. आंदोलनकारी नेताओं ने सीधे तौर पर सिली थाना प्रभारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे कथित तौर पर बालू माफियाओं के प्रभाव में काम कर रहे हैं और बालू माफियाओं के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है.

 

नेताओं ने कहा कि वे अपनी जायज मांगों को लेकर कड़ी धूप में रांची पहुंचे हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन ने लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करने के बजाय जगह-जगह आंदोलनकारियों को रोकने, हिरासत में लेने और डराने-धमकाने का काम किया. उनका आरोप है कि रांची पुलिस बालू माफियाओं के साथ मिलकर आंदोलन को कमजोर करने की साजिश कर रही है.

 

आंदोलनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों को दबाने और कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न का सिलसिला नहीं रुका तो राज्यव्यापी आंदोलन और तेज किया जाएगा. उन्होंने इस पूरे मामले में झारखंड हाईकोर्ट और राज्यपाल से स्वतः संज्ञान लेने और आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

 

समाचार लिखे जाने तक आंदोलनकारियों द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर रांची पुलिस और संबंधित थाना प्रभारी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. यदि पुलिस प्रशासन की ओर से कोई पक्ष आता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा. 

 

 

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