Simdega News: दुर्गा पूजा को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट-खोरी पर रोक लगाने के लिए कोलेबिरा में विशेष जांच अभियान चलाया. लोगों को त्योहारों के दौरान शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिले, इसके लिए टीम ने कई दुकानों में औचक निरीक्षण किया. इस अभियान का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी, डॉ अनिकेत द्विवेदी, विकास कुमार, आशा राज और कुमार प्रभाकर ने संयुक्त रूप से किया.
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जांच टीम ने कोलेबिरा चौक के कई प्रतिष्ठानों में सामान की गुणवत्ता की जांच की और वेज मंचूरियन, छोले व सोनपापड़ी का सैंपल लिया. अधिकारियों ने बताया कि इन सभी सैंपलों को जांच के लिए राज्य खाद्य जाच प्रयोगशाला, रांची भेज दिया गया है. लैब से रिपोर्ट आने के बाद नियमों के अनुसार आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
विभाग ने होटल, ठेले और खोमचे पर सामान बेचने वाले सभी दुकानदारों, खासकर गोलगप्पा विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे खाना तैयार करने और ग्राहकों को पिलाने के लिए केवल प्रमाणित RO प्लांट के शुद्ध पानी का ही उपयोग करें. इसके साथ ही, FSSAI का लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दुकान या ठेले पर ऐसी जगह लगाना अनिवार्य है, जहां ग्राहक उसे आसानी से देख सकें.
जांच टीम ने निर्देश दिया कि सभी होटलों, ठेलों एवं खोमचों में काम करने वाले कर्मचारी अनिवार्य रूप से एप्रन, ग्लव्स और हेडगियर (सिर ढकने वाली टोपी) का प्रयोग करें. साथ ही खाद्य सामग्री परोसने या लपेटने के लिए अखबार (न्यूज पेपर) और मिलावट अथवा छोले या चाट के लिए अखाद्य रंगों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की सख्त हिदायत दी गई. अधिकारियों ने दो टूक कहा कि ऐसा करते पाए जाने पर संबंधित संचालक के खिलाफ तत्काल खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई होगी.
फूड सेफ्टी कनेक्ट' ऐप पर करें शिकायत
अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें किसी भी दुकान में मिलावटी सामान, खराब गुणवत्ता या कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो वे FSSAI के 'फूड सेफ्टी कनेक्ट' (Food Safety Connect) ऐप पर शिकायत दर्ज कराएं. इसके अलावा सीधे गुमला स्थित खाद्य सुरक्षा कार्यालय में भी शिकायत की जा सकती है. विभाग ने भरोसा दिलाया है कि शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाएगी.
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