- होटल- रेस्टोरेंट में औचक निरीक्षण किया गया, लाइसेंस से लेकर साफ-सफाई तक की हुई जांच
Simdega News: त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट पर शिकंजा कसने के लिए सिमडेगा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी एवं एनालॉग पनीर के खिलाफ सघन जांच अभियान शुरू किया है. खाद्य सुरक्षा टीम ने शहरी क्षेत्र सहित संबंधित प्रखंडों में होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी, मिष्ठान भंडार, थोक विक्रेताओं और किराना प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया.
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अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने विशेष रूप से पनीर की गुणवत्ता और उसके स्रोत की जांच की. असली पनीर के नाम पर एनालॉग अथवा मिलावटी पनीर की बिक्री की आशंका को लेकर प्रतिष्ठानों में उपलब्ध खाद्य सामग्री का निरीक्षण किया गया. अधिकारियों ने कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का अनिवार्य रूप से पालन करने का निर्देश दिया.
जांच अभियान के दौरान केवल पनीर ही नहीं, बल्कि प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा से जुड़े अन्य मानकों की भी पड़ताल की गई. टीम ने FSSAI खाद्य लाइसेंस, प्रतिष्ठानों की साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी डेट, पानी की जांच रिपोर्ट तथा खाद्य कर्मियों के मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट की जांच की.
खाद्य प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों को स्वच्छता बनाए रखने के साथ एप्रन, ग्लव्स और हेडगियर का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया. अधिकारियों ने कारोबारियों से कहा कि उपभोक्ताओं को केवल सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री ही उपलब्ध कराएं.
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ जांच एवं प्रवर्तन अभियान आगे भी जारी रहेगा. विभाग ने खाद्य कारोबारियों को नियमों का पालन करने तथा मिलावट या भ्रामक तरीके से खाद्य पदार्थ बेचने से बचने की हिदायत दी है.
विभाग ने उपभोक्ताओं से भी सतर्क रहने की अपील की है. किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या उसकी गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना देने के साथ ‘Food Safety Connect’ ऐप के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.
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