Simdega: जिले के कोलेबिरा प्रखंड के भंवर पहाड़गढ़ स्थित जगन्नाथ मंदिर में बुधवार को नेत्र उत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया. इस अवसर पर देव स्नान पूर्णिमा के बाद 15 दिनों के एकांतवास (अनसर काल) में रहने के पश्चात भगवान जगन्नाथ, भ्राता बलभद्र एवं बहन सुभद्रा ने भक्तों को अपने दिव्य रूप में दर्शन दिए.

नेत्र उत्सव के अवसर पर मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. भक्तों ने महाप्रभु के दर्शन कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की. इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा.
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भंवर पहाड़गढ़ स्थित जगन्नाथ मंदिर में मुख्य पुजारी शिवपति मिश्रा एवं मनोज पंडा द्वारा महाप्रभु का विशेष एवं अलौकिक श्रृंगार किया गया. संध्या बेला में महाप्रसाद भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया. स्थानीय लोगों के सहयोग से आयोजित भंडारे में देर शाम तक श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया.
गौरतलब है कि देव स्नान पूर्णिमा के बाद भगवान जगन्नाथ अस्वस्थ होने की परंपरा के तहत विश्राम गृह में विराजमान थे. नेत्र उत्सव के साथ उनके पुनः दर्शन होने पर भक्तों में विशेष उत्साह देखा गया.
इधर, 16 जुलाई को निकलने वाली भव्य रथ यात्रा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. बताया जाता है कि कोलेबिरा क्षेत्र में निकलने वाली यह रथ यात्रा लगभग 200 वर्ष पुरानी परंपरा से जुड़ी हुई है. रथ यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु महाप्रभु के दर्शन एवं रथ खींचने के लिए जुटते हैं. प्रशासन एवं मंदिर समिति द्वारा भी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई है. रथ यात्रा और रथ मेला को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और श्रद्धालु महाप्रभु के नगर भ्रमण का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.
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