Simdega News: सिमडेगा में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. जिसका उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित कर पीडीजे राजीव कुमार सिन्हा, सिमडेगा की डीसी कंचन सिंह, एसपी श्रीकांत एस खोटरे, एडीजे नरंजन सिंह, आपात समाहर्ता गिरजा शंकर महतो ने संयुक्त रूप से किया. राष्ट्रीय लोक अदालत में न्याय पाने के लिए लोगों की भीड उमड पडी. त्वरित न्याय पाने का ऐसा सस्ता और सुलभ साधन लोगों को काफी रास आ रहा.
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आदिवासी बहुल सिमडेगा में अशिक्षा और गरीबी व्याप्त है. ग्रामीण छोटे-छोटे मामलों में अपराध कर देते हैं. ग्रामीण आर्थिक तंगी और जानकारी के अभाव में न्याय तक नहीं पंहुचते हैं. बता दें कि आदिवासी बहुल सिमडेगा में अक्सर अज्ञानतावश ग्रामीण अपराध कर बैठते हैं. उसके बाद पुलिस और कोर्ट का चक्कर उनके लिए सबसे बडा परेशानी बन जाती है.
आर्थिक तंगी के कारण वकील नहीं कर पाते हैं और जानकारी के अभाव में समय पर न्याय के लिए नहीं पंहुचते हैं. ऐसी परिस्थिति में लोक अदालत यहां के गरीब आदिवासी जो आरोपी बन कर अदालत के चक्कर में फंस जाते हैं उनके लिए लोक अदालत एक वरदान बनने लगा है. लोक अदालत के माध्यम से निशुल्क और सुलभ तरीके से न्याय का लाभ उनको मिलता है.
राष्ट्रीय लोक अदालत में सात बैचों में छह हजार से अधिक मामलों के निष्पादन का लक्ष्य है. पीडीजे राजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से सुलभ न्याय मिलने के साथ साथ ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का भी लाभ सहजता से मिल रहा है. पीडीजे ने बताया कि सस्ता और सुलभ न्याय पाने का लोक अदालत से बेहतर साधन कोई नहीं है.
लोक अदालत की सबसे बडी खासियत यह है कि इसमें कोई फीस नहीं लगती है और यहां का फैसला अंतीम फैसला होता है इसके फैसले पर और कहीं अपील नहीं की जा सकती है.
डीसी सिमडेगा कंचन सिंह ने कहा कि न्याय प्रशासन के साथ जिला प्रशासन कंधे से कंधा मिलाकर जिलेवासियों को सुलभ तरीके से न्याय दिलाने के साथ साथ सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ भी दे रही है. उन्होंने कहा कि लोक अदालत निश्चित रूप से सिमडेगा जिला के परिदृश्य लोगों के लिए किसी वरदान की तरह साबित हो रही है. मौके पर डालसा सचिव मरियम हेमरोम, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सचिव सहित न्याय और जिला प्रशासन के कई लोग मौजूद रहे.
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