Ranchi News : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान दस्तावेज नहीं होने की स्थिति में बुजुर्ग मतदाताओं के सत्यापन को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने दिशा-निर्देश दिए हैं.
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उन्होंने कहा कि 1934 में जन्मे ऐसे बुजुर्ग, जिनके पास अपना कोई दस्तावेज नहीं है, उनके पात्र भारतीय नागरिक बच्चों अथवा नाती-पोतों से रिवर्स पैरेंटल लिंकेज करते हुए मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया की जाए.
SIR में अतिरिक्त दस्तावेज नहीं मांगें
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि SIR की सुनवाई के दौरान मतदाताओं से किसी विशेष या अतिरिक्त दस्तावेज की मांग नहीं की जाए. उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पात्रता की जांच कर स्पीकिंग ऑर्डर पारित करें. उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण में एक भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम नहीं छूटना चाहिए और कोई अपात्र अथवा विदेशी नागरिक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो.
ससुराल में रहने वाली महिला के लिए माता-पिता से मैपिंग
ऐसी महिला मतदाता जो शादी के बाद ससुराल में रह रही हैं और उनके पास अपने दस्तावेज नहीं हैं, उनके सत्यापन के लिए माता-पिता से मैपिंग को मान्य बताया गया. पात्र भारतीय नागरिक होने पर माता-पिता अथवा भाई-बहन द्वारा मतदाता सूची में प्रस्तुत किए जा रहे मान्य दस्तावेजों को संकलित कर नाम जोड़ने की प्रक्रिया की जाएगी.
वंशावली को लेकर भी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि केवल सक्षम पदाधिकारी अथवा अंचल अधिकारी के स्तर से जारी वंशावली या पारिवारिक सूची ही मान्य होगी.
19-20 नवंबर को ELC-2.0
के. रवि कुमार ने आगामी 19 एवं 20 नवंबर को ELC-2.0 आयोजित करने और सभी जिलों में Electoral Literacy Clubs को पुनर्गठित कर सक्रिय करने का निर्देश दिए.
उन्होंने फॉर्म-6 के आवेदनों का समय पर डिजिटाइजेशन, मतदान केंद्रों का दोबारा सत्यापन और स्थल निरीक्षण करने को भी कहा. सभी ERO और AERO को BLO के कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा करने और जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने का निर्देश दिए गए.
इस मौके पर उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह सहित सभी जिलों के ERO और AERO वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे.
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