Search

 
 
 

सीतामढ़ी :शिक्षा विभाग का गजब फरमान, कुत्तों की पहरेदारी करेंगे सरकारी शिक्षक

जिले के सरकारी शिक्षक स्कूलों में पढ़ाई के अनुशासन, स्वच्छता और सुरक्षा की नई जिम्मेदारी उठाएंगे. मध्याह्न भोजन के बाद भटकते कुत्तों पर शिक्षक निगरानी रखेंगे. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना-सह-मध्याह्न भोजन योजना) मनीष कुमार ने कहा कि अब किसी भी विद्यालय में भोजन के बाद एक भी दाना खुला नहीं छोड़ा जाएगा. कुत्तों को जूठा देने की आदत पर पूरी तरह रोक लगेगी. उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और स्वच्छ वातावरण हमारी पहली प्राथमिकता है.
 


Sitamarhi : जिले के सरकारी शिक्षक स्कूलों में पढ़ाई के अनुशासन, स्वच्छता और सुरक्षा की नई जिम्मेदारी उठाएंगे. मध्याह्न भोजन के बाद भटकते कुत्तों पर शिक्षक निगरानी रखेंगे. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना-सह-मध्याह्न भोजन योजना) मनीष कुमार ने कहा कि अब किसी भी विद्यालय में भोजन के बाद एक भी दाना खुला नहीं छोड़ा जाएगा. कुत्तों को जूठा देने की आदत पर पूरी तरह रोक लगेगी. उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और स्वच्छ वातावरण हमारी पहली प्राथमिकता है.

 


सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में जारी नई मानक कार्यप्रणाली (SOP) के तहत विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और शिक्षक शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सुरक्षा की भी जिम्मेदारी संभालेंगे. विशेषकर मध्याह्न भोजन के बाद कुत्तों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखेंगे. साथ ही भोजन समाप्त होते ही 15 से 20 मिनट के भीतर कक्षा, बरामदा, भोजनालय, हाथ धोने के स्थान और रसोई क्षेत्र की अनिवार्य रूप से सफाई कराई जाएगी. खुले में कचरा या जूठा छोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाएगी.


डीपीओ ने कहा कि स्कूल परिसर में भटकते कुत्तों को भोजन देना पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसके लिए विद्यालय के प्रवेश द्वार पर चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा. इसके अलावा मध्याह्न भोजन किचन के चारों ओर जाली या दरवाजे लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कुत्ते किसी भी हालात में रसोई तक पहुंच नहीं सकें. शिक्षा विभाग का मानना है कि इन कदमों से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी. 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही