Ranchi : संत जेवियर्स कॉलेज में अर्थशास्त्र विभाग और IQAC के संयुक्त तत्वावधान में छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) की शुरुआत हुई.सामाजिक विज्ञान, वाणिज्य और प्रबंधन संकाय के लिए ‘अनुसंधान पद्धति व डेटा विश्लेषण’ विषय पर कार्यक्रम की शुरुआत की गई है. यह कार्यक्रम 28 मार्च 2026 तक चलेगा. इसका उद्देश्य शिक्षकों और शोधार्थियों को आधुनिक शोध पद्धतियों और कौशल से लैस कर अनुसंधान को बढ़ावा देना है.
कार्यक्रम का उद्घाटन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. फादर रोबर्ट प्रदीप कुजूर, एसजे ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 की बारीकियों को समझते हुए सामाजिक उत्तरदायित्वों के साथ मूल्य आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना आवश्यक है. उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों का भविष्य शोध और नवाचार पर निर्भर करता है, इसलिए अनुसंधान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रांची विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू डॉ. सुदेश कुमार साहू ने कहा कि नई और मौलिक शोध समस्याओं का चयन एक बड़ी चुनौती है, जिसके लिए निरंतर प्रयास जरूरी है. उन्होंने सुझाव दिया कि दैनिक जीवन की समस्याओं से जुड़े विषयों का चयन कर सार्थक शोध किया जा सकता है.
पहले दिन के मुख्य वक्ता जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस के रूरल डेवलपमेंट विभागाध्यक्ष प्रो. अनंत कुमार ने अनुसंधान प्रतिमान, अनुसंधान डिजाइन, नैतिकता और समस्या निरूपण पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने शोध में आने वाली चुनौतियों के समाधान के उपाय बताए तथा वर्तमान समय में एआई के उपयोग, उसके लाभ और जटिलताओं पर भी चर्चा की.
कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के प्राध्यापक एवं शोधार्थी शामिल हुए. इस दौरान प्रतिभागियों ने कई सवाल पूछे, जिनका वक्ता ने संतोषजनक उत्तर दिया.इस अवसर पर कॉलेज के उप-प्राचार्य डॉ. फादर अजय अरुण मिंज, एसजे, विभागाध्यक्ष डॉ. मारकुस बारला, डॉ. हरिश्वर दयाल, प्रो. बी.के. सिन्हा, डॉ. वी.के. पाण्डेय, डॉ. धीरजमणि पाठक, आशीष रंजन, अंशु एन. कुजूर, उत्कर्ष उन्नयन सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे.
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