Ranchi News : झारखंड के डीजीपी तदाशा मिश्रा के निर्देश पर चलाए जा रहे मोबाइल रिकवरी अभियान से राज्य के 3000 से अधिक लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौटी है. आर्थिक तंगी के कारण नया मोबाइल नहीं खरीद पाने वाले कई परिवारों को पुलिस ने उनके गुम या चोरी हुए मोबाइल तलाश कर वापस सौंपे हैं. मोबाइल हाथ में आते ही लोगों ने झारखंड पुलिस का आभार जताया और कहा- दिल से थैंक यू झारखंड पुलिस.
झारखंड पुलिस इस अभियान में CEIR पोर्टल का प्रभावी इस्तेमाल कर रही है. इसके जरिए गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन के IMEI नंबर को ट्रैक कर उन्हें बरामद किया जा रहा है. सत्यापन के बाद मोबाइल उनके वास्तविक धारकों को सौंपे जा रहे हैं. पुलिस की इस तकनीक आधारित पहल से ऐसे लोगों को खास राहत मिल रही है, जो मोबाइल गुम होने के बाद आर्थिक मजबूरी के कारण दूसरा फोन नहीं खरीद पा रहे थे.
एक दिन में 817 मोबाइल लौटाए गए
डीजीपी के निर्देश पर चल रहे अभियान के तहत 25 अगस्त को राज्य के विभिन्न जिलों में 817 मोबाइल फोन उनके वास्तविक धारकों को उपलब्ध कराए गए. इनमें सिमडेगा से सबसे ज्यादा 128, साहेबगंज से 106 और रांची से 100 मोबाइल बरामद कर लौटाए गए.
बोकारो में 78, रामगढ़ में 59, गढ़वा में 57, खूंटी में 53, जामताड़ा में 37, चाईबासा में 33, जमशेदपुर में 28, गुमला और लातेहार में 24-24, धनबाद में 29, चतरा और गोड्डा में 18-18, लोहरदगा में 14, हजारीबाग में 7 और सरायकेला में 4 मोबाइल उनके मालिकों को सौंपे गए.
मोबाइल वापस मिला तो चेहरे पर आई खुशी
पुलिस की कार्रवाई से उन परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जिनके मोबाइल लंबे समय से गुम या चोरी थे. कई लोगों ने मोबाइल मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी. आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे नया मोबाइल खरीदने की स्थिति में भी नहीं थे. ऐसे में जब पुलिस ने उनका पुराना मोबाइल खोजकर वापस किया तो उनकी खुशी देखते ही बनी.
मोबाइल वापस मिलने के साथ लोगों का पुलिस पर भरोसा भी मजबूत हुआ है. पुलिस मुख्यालय के अनुसार CEIR पोर्टल के जरिए आगे भी गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी का अभियान जारी रहेगा.
डीजीपी तदाशा मिश्रा के निर्देश पर चल रहे इस अभियान का असर अब जमीन पर दिखाई दे रहा है. अब तक 3000 से अधिक लोगों को उनके मोबाइल वापस मिल चुके हैं. इन लोगों के लिए यह सिर्फ मोबाइल की वापसी नहीं, बल्कि आर्थिक राहत और पुलिस पर भरोसा लौटने की कहानी है. इसलिए लोगों की जुबान पर एक ही बात है- "दिल से थैंक यू झारखंड पुलिस."
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